राजस्थान सरकार ने डेक्स्ट्रोमेथोर्फन वाली खांसी की सिरप के वितरण पर रोक लगा दी।
- डेक्स्ट्रोमेथोर्फन एक ओपिओइड खांसी रोकने वाली दवा है, लेकिन यह 5 साल से छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं मानी जाती है।
खांसी की सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकोल (EG) की उपस्थिति को लेकर भी चिंता प्रकट की गई है।
- ये दोनों रंगहीन औद्योगिक रसायन हैं, जो ब्रेक फ्लूइड, एंटीफ्रीज, पेंट, प्लास्टिक और कुछ घरेलू उत्पादों में सामान्यत: इस्तेमाल होते हैं।
- इन्हें अक्सर सुरक्षित पदार्थ प्रोपिलीन ग्लाइकोल (propylene glycol) की जगह इस्तेमाल किया जाता है, जो एक सॉल्वेंट है और दवाओं को तरल रूप में घोलने में मदद करता है।
- DEG और EG मनुष्यों के लिए बहुत ही विषाक्त हैं तथा इनके सेवन से शरीर पर जहर जैसे प्रभाव और किडनी फेल होने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
नेट-जीरो बैंकिंग गठबंधन को भंग कर दिया गया है, क्योंकि कई सदस्य बैंकों ने इसे गठबंधन को छोड़ दिया था।
नेट-जीरो बैंकिंग गठबंधन के बारे में
- यह गठबंधन 2021 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के फाइनेंस इनिशिएटिव के तहत स्थापित किया गया था।
- इसका उद्देश्य बैंकों को अपने ऋणों और निवेशों के कार्बन फुटप्रिंट को घटाने के लिए प्रेरित करना था तथा 2050 तक एक नेट-जीरो अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने का समर्थन करना था।
वित्त मंत्री ने कहा कि स्टेबलकॉइन्स जैसे नवाचारों ने धन और पूंजी प्रवाह के परिदृश्य को बदल दिया है। अब देशों को नई मौद्रिक संरचनाओं के अनुसार स्वयं को ढालना होगा, नहीं तो वे कई तरह के लाभों से वंचित हो सकते हैं।
स्टेबलकॉइन के बारे में
- परिभाषा: स्टेबलकॉइन्स ऐसी क्रिप्टोकरेंसी होती हैं, जो स्थिर (स्टेबल) परिसम्पतियों से जुड़ी होती हैं, जैसे कि फिएट मुद्राएं (जैसे यू.एस. डॉलर), मुद्राओं का समूह, या कीमती धातुएं।
- महत्त्व:
- ये सामान्य क्रिप्टोकरेंसी (जैसे बिटकॉइन) की तुलना में अधिक स्थिर होती हैं, ताकि उतार-चढ़ाव को कम किया जा सके।
- इनका लेन-देन आसान और तीव्र होता है, खासकर सीमा-पार धन की आवाजाही के लिए।
- संभावित जोखिम:
- ये वित्तीय स्थिरता के समक्ष खतरा उत्पन्न कर सकती हैं, और यदि बहुत से निवेशक एक साथ अपनी स्टेबलकॉइन्स को बेचने का प्रयास करते हैं, तो इससे रन रिस्क उत्पन्न हो सकता है।
भारत के एकमात्र मड वोल्केनो में 20 वर्षों बाद उद्गार हुआ है। यह बारातांग द्वीप (अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह) में स्थित है।
मड वोल्केनो के बारे में
- यह एक भौतिक संरचना है, जिससे गाद (मड), जल, और गैसों (मुख्य रूप से मीथेन, कभी-कभी कार्बन डाइऑक्साइड या नाइट्रोजन) के मिश्रण का पृथ्वी की सतह पर उद्गार होता है। इससे शंकु जैसे आकार का निर्माण होता है, जो वास्तव में ज्वालामुखियों के समान होते हैं, लेकिन इनमें से गर्म लावा नहीं निकलता है।
- मड वोल्केनो आमतौर पर उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जहां प्राकृतिक गैस मौजूद होती है।
मड वोल्केनो का उद्गार पृथ्वी की विवर्तनिक (टेक्टोनिक) शक्तियों या हाइड्रोकार्बन गैसों के संचय के कारण होता है।
देशभर के 1 लाख से अधिक आदिवासी बहुल गांवों और टोलों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इस दौरान “आदिवासी ग्राम विज़न 2030 घोषणा-पत्र” को अपनाया गया।
- जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए आदि कर्मयोगी अभियान के एक भाग के रूप में इस घोषणा-पत्र को अपनाया गया है।
- यह घोषणा-पत्र गांवों को उनके विकास के सक्रिय सह-निर्माता बनने का अधिकार देता है, जवाबदेही बढ़ाता है, और प्रत्येक नागरिक की अभिव्यक्ति को उनके समुदाय के भविष्य को आकार देने में शामिल करता है।
- यह घोषणा-पत्र सामुदायिक नेतृत्व वाले विकास पर ज़ोर देता है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, सामाजिक एवं वित्तीय समावेशन, और अवसंरचना से जुड़े ठोस लक्ष्यों पर केंद्रित है।
- घोषणा-पत्र में यह भी प्रस्तावित किया गया है कि प्रत्येक गांव में “आदि सेवा केंद्र” स्थापित किए जाएंगे, जो नागरिकों के लिए सिंगल-विंडो सेवा केंद्र के रूप में कार्य करेंगे।
पोलैंड अब NATO पाइपलाइन प्रणाली में शामिल होगा।
NATO पाइपलाइन प्रणाली के बारे में
- इसे शीत युद्ध के दौरान NATO बलों को ईंधन की आपूर्ति करने के लिए स्थापित किया गया था।
- उद्देश्य: यह आज भी NATO अभियानों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और वितरण सुनिश्चित करती है।
- दायरा: यह प्रणाली 12 NATO देशों में फैली हुई है, जो स्टोरेज डिपो, मिलिट्री एयरबेस, सिविल एयरपोर्ट, रिफाइनरी, पंपिंग स्टेशन, और ट्रक/ रेल लोडिंग स्टेशन को जोड़ती है।
नासा के कैसिनी अंतरिक्ष यान ने शनि के चंद्रमा एन्सेलेडस पर जीवन की संभावना के नए प्रमाण खोजे हैं। यह जानकारी शनि के उप-सतही महासागर से अंतरिक्ष में उत्सर्जित बर्फीले प्लूम्स में अतिरिक्त जटिल कार्बनिक अणुओं का पता लगाने के बाद मिली है।
कैसिनी अंतरिक्ष यान के बारे में
- यह ग्रहों की खोज से संबंधित मिशन था, जिसे नासा (USA), ESA (यूरोप), और ASI (इटली) ने मिलकर लॉन्च किया था।
- उद्देश्य: शनि, इसके वलयों, चंद्रमाओं और चुंबकीय क्षेत्र का विस्तृत अध्ययन करना।
- यह शनि मंडल में हाइगेंस नामक एक प्रोब लेकर गया था।
एन्सेलेडस के बारे में (शनि का बर्फीला चंद्रमा)
- घूर्णन: यह शनि के साथ ज्वारीय बंधन (Tidally Locked) बनाकर घूर्णन करता है।
- ज्वारीय बंधन का अर्थ है कि किसी उपग्रह की अपनी धुरी पर घूर्णन की गति (Rotation Period) और अपने ग्रह की परिक्रमा करने की गति (Orbital Period) एकदम बराबर होती है।
- यह सौरमंडल का सबसे चमकीला और सबसे अधिक परावर्तक (reflective) पिंड है।
IUCN के विश्व संरक्षित क्षेत्र आयोग (WCPA) ने संरक्षित क्षेत्रों के प्रबंधन में जलवायु परिवर्तन शमन को एकीकृत करने को लेकर एक रिपोर्ट जारी की।
इस रिपोर्ट के प्रमुख बिंदुओं पर एक नजर
- यदि रणनीतिक रूप से चयनित भूमि के 30% को संरक्षित किया जाए, तो इससे 500 अरब टन कार्बन को वनस्पति और मृदा में संचित किया जा सकता है।
- यदि महासागरों के 30% भाग को संरक्षित किया जाए, तो इससे पेरिस समझौते के अनुरूप कार्बन उत्सर्जन में 20% की कमी लाई जा सकती है।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पूरे देश में मनाने की घोषणा की।
वंदे मातरम के बारे में:
- उत्पत्ति: इसकी बंकिम चंद्र चटर्जी ने संस्कृत में रचना की थी और इसे पहली बार ‘आनंदमठ’ (1882) उपन्यास में प्रकाशित किया था।
- 24 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्र गान (जन गण मन) के बराबर दर्जा दिया गया।
- ‘जन गण मन’ मूल रूप से रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा बंगाली भाषा में रचा गया था। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने इसे हिंदी संस्करण के रूप में अपनाया था।
- थीम (विषय): यह गीत भारत माता को समर्पित है तथा भक्ति, साहस और एकता की भावना को प्रेरित करता है।
- इसे रवींद्रनाथ टैगोर ने 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन में गाया था।