हाल ही में, भारतीय AI स्टार्ट-अप्स के साथ एक बैठक में प्रधान मंत्री ने समाज को बदलने में भारतीय AI मॉडल्स के महत्त्व पर प्रकाश डाला।
AI मॉडल्स के लिए नैतिक और सामाजिक मानक
- नैतिक: निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना और उपयोगकर्ताओं की डेटा गोपनीयता का सम्मान करना।
- उदाहरण: AI प्रणालियों द्वारा कॉपीराइट सामग्री (पुस्तकों, कलाओं आदि) से जानकारी एकत्र करना। इससे लघु रचनाकारों की आय को नुकसान होता है। यह रचनाकारों को "साध्य" (ends) के रूप में मानने के कांटियन कर्तव्य (Kantian duty) का उल्लंघन करता है।
- निष्पक्ष: रूढ़िवादिता को बढ़ावा देने से रोकना।
- उदाहरण: क्रेडिट कार्ड एल्गोरिदम ऐतिहासिक रूप से पक्षपाती डेटा के आधार पर महिलाओं की तुलना में पुरुषों को अधिक ऋण देते हैं।
- पारदर्शी: विश्वास और जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा 'ब्लैक-बॉक्स' (अपारदर्शी कार्यप्रणाली) की समस्या का समाधान करना।
- उदाहरण: 'चित्रलेखा', भारतीय गैर-लाभकारी संस्था AI4Bhārat द्वारा विकसित एक ओपन-सोर्स वीडियो सृजनात्मक अनुवाद प्लेटफॉर्म है, जो सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।
समाज को बदलने में AI क्या भूमिका निभा सकता है?
- सार्वजनिक सेवा वितरण: AI कल्याणकारी योजनाओं के लक्ष्यीकरण, निगरानी और दक्षता को बढ़ाता है, जिससे भ्रष्टाचार कम होता है।
- उदाहरण: कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा विकसित MCA 3.0 पोर्टल। यह कंपनियों के लिए विनियामक अनुपालन संबंधी फाइलिंग को आसान बनाने हेतु AI/ML (मशीन लर्निंग) सहायता प्रदान करता है।
- न्याय तक पहुंच:
- उदाहरण: SUVAS (सुप्रीम कोर्ट विधिक अनुवाद सॉफ्टवेयर), एक AI-आधारित अनुवाद प्लेटफॉर्म है। उच्चतम न्यायालय इसका निर्णयों और आदेशों का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करने के लिए उपयोग करता है।
- सतत परिवर्तन:
- उदाहरण: विद्युत क्षेत्रक में AI-सक्षम स्मार्ट ग्रिड्स वास्तविक समय में मांग-आपूर्ति को संतुलित करते हैं और दोषों का पता लगाते हैं, जिससे ऊर्जा दक्षता बढ़ती है।
- अन्य क्षेत्रक: स्वास्थ्य सेवा देखभाल (AI-आधारित निदान), शिक्षा (AI-संचालित निजीकृत शिक्षण प्लेटफॉर्म्स), आपदा प्रबंधन (AI-आधारित पूर्व-चेतावनी प्रणालियां) आदि।
भारत में AI के विकास के लिए शुरू की गई पहलें
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