महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती समारोहों का शुभारंभ हुआ | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

प्रधानमंत्री ने महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी 200वीं जयंती समारोहों का शुभारंभ किया। 

ज्योतिराव फुले (1827–1890) के बारे में

  • जन्म: महाराष्ट्र में सामाजिक रूप से पिछड़े 'माली' समुदाय में हुआ।
  • उन्हें विठ्ठलराव कृष्णजी वंडेकर द्वारा 'महात्मा' की उपाधि दी गई थी।
  • भारतीय सामाजिक क्रांति के जनक: महात्मा फुले ने पिछड़े वर्गों और महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य किया और वे जाति व्यवस्था का उन्मूलन करना चाहते थे।
  • प्रमुख कृतियांसत्यशोधक (साप्ताहिक समाचार पत्र), गुलामगिरी, ब्राह्मणांचे कसब, सार्वजनिक सत्यधर्म पुस्तक, शेतकऱ्याचा असूड, आदि।

वंचित वर्गों के उत्थान में फुले का योगदान

  • शूद्र और अति-शूद्र (अस्पृश्य): वे इन दोनों समुदायों को एक शोषित समूह के रूप में एकजुट करने वाले पहले व्यक्ति थे।
  • सत्यशोधक समाज (1873): वर्ण आधारित सामाजिक व्यवस्था के खिलाफ निम्न समझे जाने वाली जातियों को संगठित करने के लिए इसकी स्थापना की।
  • मुक्ति के रूप में ज्ञान (तृतीय रत्न): शिक्षा से वंचित महार और मांग समुदायों के लिए स्कूल खोले।
  • "गुलामगिरी" (1873): इस पुस्तक में उन्होंने वैश्विक चेतना जगाने के लिए भारत में जातिगत उत्पीड़न की तुलना अमेरिकी गुलामी से की।
  • महिलाएं: उन्होंने 1848 में पुणे में लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू किया।
    • उन्होंने 'बालहत्या प्रतिबंधक गृह' (1863) की स्थापना की और विधवा विवाह का समर्थन किया।
  • किसान: उनके भाषणों के संग्रह " शेतकऱ्याचा असूड" में साहूकारों और नौकरशाही द्वारा किसानों के शोषण का विश्लेषण किया गया है।
  • निर्धन वर्ग: हंटर कमीशन (1882) के समक्ष निशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा का आग्रह किया; उन्होंने शिक्षा के अधोमुखी निस्यंदन (डाउनवर्ड फिल्ट्रेशन) सिद्धांत का विरोध किया।
  • उन्होंने ब्राह्मण पुजारियों के बिना कम खर्चीले 'सत्यशोधक विवाह' का भी प्रस्ताव रखा। 
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

अधोमुखी निस्यंदन (डाउनवर्ड फिल्ट्रेशन) सिद्धांत

एक सिद्धांत जिसके अनुसार शिक्षा समाज के उच्च वर्ग तक सीमित रहनी चाहिए, और वहीं से निम्न वर्गों तक फ़िल्टर होकर पहुँचनी चाहिए। महात्मा फुले ने इसका विरोध किया।

हंटर कमीशन (1882)

भारतीय शिक्षा के विकास की समीक्षा के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा गठित एक आयोग। महात्मा फुले ने इसके समक्ष निशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा की वकालत की थी।

बालहत्या प्रतिबंधक गृह

A shelter home established by Savitribai Phule for pregnant women in distress, aimed at preventing female infanticide. This initiative highlights her commitment to protecting vulnerable women and children.

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet