वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण
विश्व आर्थिक मंच की नवीनतम रिपोर्ट वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में मामूली सुधार को उजागर करती है, हालांकि परिसंपत्ति मूल्यांकन, बढ़ते ऋण, भू-आर्थिक बदलाव और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को तेजी से अपनाने जैसे विभिन्न कारकों के कारण अनिश्चितता बनी हुई है।
मुख्य निष्कर्ष
- प्रमुख अर्थशास्त्रियों में से 53% वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कमजोर होने की आशंका जता रहे हैं, जो सितंबर 2025 में 72% थी।
- भारत के नेतृत्व में दक्षिण एशिया को सबसे उज्ज्वल विकास वाले क्षेत्र के रूप में देखा जाता है।
- व्यापारिक चुनौतियों के बावजूद, भारत की अर्थव्यवस्था ने सितंबर तिमाही में वार्षिक आधार पर वास्तविक GDP में 8.2% की वृद्धि दर्ज की।
- दक्षिण एशिया में मुद्रास्फीति की आशंकाएं कम हो रही हैं, क्योंकि स्थिर मौद्रिक और राजकोषीय नीतियों का अनुमान लगाया जा रहा है।
क्षेत्रक-विशिष्ट अंतर्दृष्टि
- AI को अपनाने से विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिसमें 36% अर्थशास्त्री महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभावों की भविष्यवाणी कर रहे हैं।
- IT क्षेत्रक में, AI से उत्पादकता में तेजी से वृद्धि होने की उम्मीद है।
- वित्तीय सेवाएं, स्वास्थ्य सेवा और खुदरा जैसे अन्य क्षेत्रों को AI को अपनाने में 'तेजी से आगे बढ़ने वाले' क्षेत्रक के रूप में जाना जाता है।
- क्रिप्टोकरेंसी में और अधिक गिरावट आने की आशंका है, जबकि सोने के हालिया उच्चतम स्तर के बाद उसके स्थिर होने की उम्मीद है।
क्षेत्रीय विकास की अपेक्षाएँ
- 66% अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि भारत के नेतृत्व में दक्षिण एशिया में मजबूत आर्थिक विकास होगा।
- पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र: 45% लोग मजबूत वृद्धि की उम्मीद करते हैं, जबकि 55% लोग मध्यम वृद्धि की उम्मीद करते हैं।
- MENA क्षेत्रक: 36% लोग मजबूत वृद्धि की उम्मीद करते हैं, जबकि 64% लोग मध्यम वृद्धि की उम्मीद करते हैं।
- संयुक्त राज्य अमेरिका: 69% लोगों को मध्यम वृद्धि की उम्मीद है, जो पिछले अनुमानों से एक महत्वपूर्ण सुधार है।
- चीन: मिश्रित दृष्टिकोण, 47% लोग मध्यम वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।
- यूरोप: सबसे कमजोर दृष्टिकोण, 53% लोगों को कमजोर वृद्धि की उम्मीद है।
दीर्घकालिक अपेक्षाएँ
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण शुरू में नौकरियों में कमी आने की आशंका है, लेकिन लंबे समय में नई नौकरियों का सृजन होने की संभावना है।
- वैश्विक स्तर पर, सरकारों और कंपनियों से आग्रह किया जाता है कि वे अनिश्चितता से निपटने में तेजी दिखाएं और विकास के मूलभूत सिद्धांतों में निवेश करें।