चाबहार बंदरगाह पर भारत का संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के साथ संबंध
अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों के बीच दक्षिण-पूर्वी ईरान के चाबहार बंदरगाह पर परिचालन बनाए रखने के लिए भारत संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान दोनों के साथ अपने राजनयिक प्रयास जारी रखे हुए है।
अमेरिकी प्रतिबंधों का प्रभाव
- अमेरिकी राष्ट्रपति ने 12 जनवरी को नए टैरिफ की घोषणा की, जिसके तहत ईरान के साथ व्यापार करने वाले और अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंध बनाए रखने वाले देशों पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया।
- इस निर्णय ने चाबहार में भारत के निवेश को जांच के दायरे में ला दिया है, हालांकि इससे पहले भारत को इस रणनीतिक बंदरगाह के लिए अमेरिका से छूट मिली हुई थी।
भारत-ईरान संबंध और चाबहार का रणनीतिक महत्व
- भारतीय अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि इस छूट से अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ आगे की बातचीत के लिए समय मिल जाएगा।
- चाबहार बंदरगाह भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को संतुलित करता है और अफगानिस्तान और मध्य एशिया के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदु के रूप में कार्य करता है।