भारत-EU संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा 2030
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ मिलकर "टुवर्ड्स 2030: इंडिया-ईयू जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक एजेंडा" नामक एक रणनीति को अपनाया है। इसका उद्देश्य अगले पांच वर्षों में रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना है।
उद्देश्य
- एक जटिल वैश्विक परिवेश में स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान कीजिए।
- साझा समृद्धि को बढ़ावा देना, नवाचार को गति देना और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना।
- लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करना।
प्रमुख स्तंभ
- समृद्धि और स्थिरता
- प्रौद्योगिकी और नवाचार
- सुरक्षा और रक्षा
- कनेक्टिविटी और वैश्विक चुनौतियां
- सहायक कारक:
- कौशल
- गतिशीलता
- व्यापार और लोगों के बीच संबंध
प्रौद्योगिकी सहयोग
भारत और यूरोपीय संघ प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे, जिसमें अनुसंधान, नवाचार, व्यावसायिक भागीदारी और बाजार संचालन को आपस में जोड़ा जाएगा। वे प्रमुख व्यापार, प्रौद्योगिकी और आर्थिक सुरक्षा मुद्दों के समाधान के लिए भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) के महत्व की पुष्टि करते हैं।
डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और आर्थिक सुरक्षा
- परस्पर संचालनीय मानकों के साथ डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को बढ़ावा देना।
- सेमीकंडक्टर, AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और 6G जैसी नई तकनीकों में सहयोग।
- साइबर-सुरक्षित, भरोसेमंद डिजिटल परिवेश का निर्माण करना।
- स्वच्छ प्रौद्योगिकी में सहयोग को बढ़ावा देना।
- आर्थिक सुरक्षा पर चर्चा को व्यापक बनाएं:
- आपूर्ति श्रृंखलाओं का लचीलापन
- अनुसंधान सुरक्षा
- संवेदनशील प्रौद्योगिकियों की सुरक्षा करना।
भविष्य की योजनाएं
TTC की अगली मंत्रिस्तरीय बैठक 2026 में ब्रुसेल्स में आयोजित होने वाली है, जिसमें व्यावसायिक परामर्शों को और गहरा करने पर जोर दिया जाएगा।