सामाजिक सुरक्षा पर भारत-ब्रिटेन समझौता
भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) ने एक-दूसरे के क्षेत्रों में अस्थायी रूप से कार्यरत कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा अंशदान संबंधी मुद्दों को संबोधित करने के लिए सामाजिक सुरक्षा पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
समझौते की प्रमुख विशेषताएं
- इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के कर्मचारियों के लिए दोहरी सामाजिक सुरक्षा राशि के योगदान को रोकना है।
- इसमें 36 महीने तक की अवधि के लिए अस्थायी कार्य सौंपे जाने शामिल हैं।
- यह समझौता कर्मचारियों की गतिशीलता का समर्थन करता है, साथ ही निरंतर सामाजिक सुरक्षा कवरेज सुनिश्चित करता है।
- इसका उद्देश्य दोनों देशों के कौशल और नवाचार का लाभ उठाकर, विशेष रूप से सेवा क्षेत्र में, साझेदारी को मजबूत करना है।
कार्यान्वयन और हस्ताक्षरकर्ता
- इस समझौते पर भारत के विदेश सचिव और भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त ने हस्ताक्षर किए।
- यह व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) के कार्यान्वयन के साथ प्रभावी होगा, जो चालू वर्ष की पहली छमाही में निर्धारित है।
संदर्भ और लाभ
- यह समझौता विदेशों में कार्यरत भारतीय पेशेवरों और कुशल श्रमिकों की सुरक्षा के लिए द्विपक्षीय सामाजिक सुरक्षा समझौतों में प्रवेश करने की भारत की रणनीति के अनुरूप है।
- इस पहल का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाली भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है।
- यह समझौता और इससे संबंधित विवरण विदेश मंत्रालय और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की वेबसाइटों पर उपलब्ध होंगे।
- यह हितधारकों को कवरेज प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में सक्षम बनाता है, जिससे दोहरी सामाजिक सुरक्षा योगदान से बचा जा सकता है।