कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मुंबई पहुंचकर भारत की अपनी चार दिवसीय महत्वपूर्ण यात्रा शुरू की। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है, खासकर पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा लगाए गए आरोपों के कारण उत्पन्न राजनयिक तनाव के बाद।
प्रमुख गतिविधियाँ और समझौते
- कार्नी की यात्रा के परिणामस्वरूप भारत के साथ 10 साल का 2 अरब अमेरिकी डॉलर का यूरेनियम आपूर्ति समझौता होने की उम्मीद है।
- तेल और गैस, पर्यावरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त समझौते किए जा सकते हैं।
- इस यात्रा का उद्देश्य नई साझेदारियां स्थापित करके कनाडाई व्यवसायों और श्रमिकों के लिए अवसरों को बढ़ावा देना है।
प्रमुख बैठकें और कार्यक्रम
महाराष्ट्र के प्रोटोकॉल और विपणन मंत्री जय कुमार रावल ने कार्नी का स्वागत किया। उनकी यात्रा के दौरान:
- वह मुंबई में व्यापारिक नेताओं से मिलेंगे और ताज महल पैलेस होटल में 26/11 हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
- वह हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता के लिए दिल्ली में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाले हैं।
- इस यात्रा में व्यावसायिक गतिविधियों में भागीदारी, सीईओ के साथ बातचीत और भारत-कनाडा सीईओ फोरम में भाग लेना शामिल है।
रणनीतिक साझेदारी और सहयोग
विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि यह दौरा भारत-कनाडा संबंधों को सामान्य बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है।
- दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, मजबूत जन-संबंधों और विविध क्षेत्रों में सहयोग को साझा करते हैं।
- दोनों नेता व्यापार और निवेश, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे।
- वे क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा करेंगे और संतुलित साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करेंगे।
परिणाम और अपेक्षाएँ
इस यात्रा से भारत-कनाडा संबंधों में सकारात्मक गति की पुष्टि होने और आपसी सम्मान और आर्थिक पूरकता पर आधारित एक दूरदर्शी साझेदारी का निर्माण होने की उम्मीद है।