भारत का व्यापार घाटा और निर्यात-आयात का अवलोकन
फरवरी में भारत के व्यापार घाटे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़कर 27 अरब डॉलर हो गया, जो एक वर्ष पहले के 14.42 अरब डॉलर से लगभग दोगुना है। यह वृद्धि आयात में 24% की वृद्धि, विशेष रूप से सोने और चांदी के आयात में, और निर्यात में 0.81% की मामूली कमी (36.61 अरब डॉलर) के कारण हुई।
चीन के साथ व्यापार घाटा
अप्रैल-फरवरी की अवधि के दौरान चीन के साथ व्यापार घाटा भी बढ़कर 102 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष के 91 अरब डॉलर से अधिक है।
व्यापार को प्रभावित करने वाले कारक
- आयात में वृद्धि के कारण:
- सोने का आयात 218.5% बढ़कर 7.4 अरब डॉलर हो गया।
- चांदी का आयात 285% बढ़कर 1.6 अरब डॉलर हो गया।
- पेट्रोलियम और कच्चे उत्पादों का आयात मूल्य 12.97 अरब डॉलर था।
- इलेक्ट्रॉनिक सामान और मशीनरी के आयात का इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- निर्यात में वृद्धि देखी गई:
- इंजीनियरिंग से संबंधित सामानों में 12.9% की वृद्धि हुई।
- इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बिक्री में 10.4% की वृद्धि हुई।
- दवाओं और फार्मास्यूटिकल्स में 3.4% की वृद्धि हुई।
चुनौतियाँ और सरकारी प्रतिक्रिया
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने खाड़ी युद्ध के कारण निर्यातकों को प्रभावित करने वाली मौजूदा रसद संबंधी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। सरकार जल्द ही निर्यातकों को सहायता देने के लिए उपाय शुरू करने की योजना बना रही है।