वित्त वर्ष 2026 में भारत के समुद्री खाद्य निर्यात का अवलोकन
भारत ने वित्त वर्ष 2026 में समुद्री खाद्य निर्यात में रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की, जो 1.97 मिलियन टन तक पहुंच गया, जिसकी कीमत 8.46 बिलियन डॉलर थी। समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (MPEDA) द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार, यह उपलब्धि इस क्षेत्र के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों के बावजूद हासिल हुई।
प्रमुख बाजार और निर्यात वस्तुएँ
- संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन भारतीय समुद्री भोजन के प्रमुख आयातक थे।
- जमे हुए झींगे और मछली निर्यात की प्रमुख वस्तुएं थीं।
निर्यात वृद्धि
- मात्रा में 16.13% की वृद्धि हुई।
- रुपये के संदर्भ में मूल्य में 18.4% और डॉलर के संदर्भ में 13.44% की वृद्धि हुई।
- प्रति किलोग्राम के इकाई मूल्य में 2.31% की गिरावट आई और यह 4.29 डॉलर हो गया।
फ्रोजन झींगे
- मात्रा के हिसाब से यह कुल निर्यात का 40.19% था।
- सबसे बड़े आयातक देश अमेरिका थे, उसके बाद चीन, यूरोपीय संघ, दक्षिण पूर्व एशिया, जापान और पश्चिम एशिया का स्थान था।
- एल वन्नामेई सबसे अधिक व्यापार की जाने वाली किस्म थी, उसके बाद ब्लैक टाइगर झींगा का स्थान था।
अन्य समुद्री खाद्य निर्यात
- स्कैम्पी के निर्यात में मात्रा और मूल्य दोनों में गिरावट आई है।
- मूल्य के हिसाब से फ्रोजन मछली दूसरा सबसे बड़ा निर्यात आइटम था, जिसकी मात्रा और मूल्य दोनों में निर्यात में वृद्धि हुई, लेकिन प्रति इकाई मूल्य में 1.23% की कमी होकर यह 1.81 डॉलर प्रति किलोग्राम हो गया।