मोबाइल फोन निर्यात के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन
भारतीय सरकार मई तक मोबाइल फोन के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन योजनाएं शुरू करने जा रही है, जिसके लिए 5 अरब डॉलर (लगभग 46,000 करोड़ रुपये ) से अधिक का वित्तीय आवंटन किया गया है।
पृष्ठभूमि और योजना का विवरण
- घरेलू मोबाइल फोन निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2020 में लार्ज स्केल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग (LSEM) योजना शुरू की गई थी, जिसका बजट 40,995 करोड़ रुपये (उस समय की विनिमय दर के आधार पर लगभग 5.7 बिलियन डॉलर ) था।
- एलएसईएम को आमतौर पर मोबाइल फोन के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना के रूप में मान्यता प्राप्त है।
आगामी PLI 2.0
- मोबाइल फोन के लिए PLI 2.0 योजना प्रगति पर है, जिसका मुख्य उद्देश्य निर्यात को बढ़ावा देना है, और अनुमान है कि इसे मई तक लागू कर दिया जाएगा, जिस पर 5 अरब डॉलर से अधिक का अनुमानित व्यय होगा।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय PLI के संबंध में वित्त मंत्री से परामर्श कर रहा है, जिसके बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
निर्यात और रोजगार लक्ष्य
- इसका लक्ष्य भारत से मोबाइल फोन के निर्यात को दोगुना करना है।
- 2025 में 2.62 लाख करोड़ रुपये (लगभग 28 अरब डॉलर) मूल्य के स्मार्टफोन निर्यात किए गए।
- इस योजना के तहत फरवरी 2026 तक कुल निर्यात 6.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 4.87 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य से 27% अधिक है।
- इस योजना से 1.85 लाख नौकरियां सृजित हुईं, जो सरकार द्वारा परिकल्पित 2 लाख नौकरियों के लक्ष्य से 8% कम है।