अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन की कार्रवाई की अपील
आईएमओ महासचिव का मुख्य संदेश
अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव श्री आर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता के सिद्धांत को बनाए रखने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नौवहन निर्बाध और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुरूप होना चाहिए।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंताएं
- भू-राजनीतिक संघर्ष का प्रभाव: होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे संघर्ष ने लगभग 20,000 नाविकों और लगभग 2,000 जहाजों को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो गया है।
- कानूनी ढांचा: समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में यह प्रावधान है कि सीमावर्ती राज्यों द्वारा अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया जा सकता है या उस पर टोल, शुल्क या भेदभावपूर्ण शर्तें लागू नहीं की जा सकती हैं।
- यातायात पृथक्करण योजना: 1968 से, होर्मुज जलडमरूमध्य में एक यातायात पृथक्करण योजना लागू है, जो अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठन (IMO) के SOLS कन्वेंशन के अनुरूप, ओमान और ईरान द्वारा संयुक्त रूप से संचालित सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करती है।
आईएमओ की रणनीतिक योजना
- निकासी ढांचा विकास: अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) फंसे हुए नाविकों को बचाने के लिए एक निकासी ढांचा विकसित कर रहा है, जिसमें क्षेत्रीय और संबंधित देशों का सहयोग शामिल है।
- राज्यों से समर्थन: श्री डोमिंगुएज़ ने राज्यों से IMO की निकासी योजना का समर्थन करने, खतरों को दूर करने में सहायता करने और तकनीकी और परिचालन सहायता प्रदान करने का आह्वान किया।
कार्यवाई के लिए बुलावा
- टोल या भेदभावपूर्ण उपायों को लागू किए बिना सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करना।
- आवश्यक आपूर्ति पहुंचाकर और चालक दल में बदलाव की सुविधा प्रदान करके नाविकों के कल्याण को सुनिश्चित करना।
- वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बनाए रखने के लिए क्षेत्र में तनाव कम करने को प्रोत्साहित करना।
अंत में, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठन (IMO) के महासचिव ने समुद्री कानूनों को बनाए रखने और नाविकों की रक्षा के लिए सहयोगात्मक कार्रवाई का आग्रह किया, इस बात पर जोर देते हुए कि भू-राजनीतिक संघर्षों का लाभ जहाजरानी उद्योग को नहीं उठाना चाहिए।