DRDO द्वारा विक्रम VT 21 परियोजना
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विक्रम VT 21 परियोजना शुरू की है, जिसमें दो उन्नत बख्तरबंद प्लेटफॉर्म शामिल हैं: पहिएदार और ट्रैकयुक्त। इन प्लेटफॉर्मों का उद्देश्य भारतीय सेना की BMP-2 बेड़े को बदलने के लिए भविष्यवादी पैदल सेना युद्ध वाहन (FICV) की आवश्यकता को पूरा करना है।
विक्रम VT 21 की विशेषताएं
- एडवांस्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म (AAP): प्रक्षेपास्त्रों, विस्फोटों और छर्रों का सामना करने के लिए उन्नत कवच सुरक्षा के साथ निर्मित।
- गतिशीलता और भूभाग की उपयुक्तता:
- पहिए वाला संस्करण: तेज और रखरखाव में आसान, सड़कों और शहरी वातावरण के लिए उपयुक्त।
- ट्रैक्ड वेरिएंट: यह उबड़-खाबड़ और असमान इलाकों पर बेहतर पकड़ और प्रदर्शन प्रदान करता है।
- स्वदेशी विकास:
- व्हीकल्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (VRDE) द्वारा भारत फोर्ज लिमिटेड और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के साथ मिलकर इसका सह-विकास किया गया है।
प्रमुख विशेषताएँ
- 30 मिमी क्रूलेस बुर्ज: बेहतर गतिशीलता, मारक क्षमता और सुरक्षा के लिए दूर से संचालित होने वाली बंदूक प्रणाली।
- शक्ति और चपलता: बेहतर गति और बाधाओं को पार करने की क्षमता के लिए स्वचालित ट्रांसमिशन वाला उच्च क्षमता वाला इंजन।
- सुरक्षा स्तर: भारी गोलीबारी और विस्फोटों से बचाव के लिए STANAG स्तर 4 और 5 की सुरक्षा।
- जल-सहिष्णु क्षमता: हाइड्रो जेट और जल प्रणोदन प्रणालियों से सुसज्जित।
- शस्त्र: इसमें 7.62 मिमी PKT मशीन गन और तीसरी पीढ़ी की एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें (ATGM) नाग शामिल हैं।
रणनीतिक महत्व
- स्वदेशीकरण: सिस्टम का 65% हिस्सा भारत में निर्मित है, जिसका लक्ष्य इसे बढ़ाकर 90% करना है।
- आधुनिक युद्ध की आवश्यकताएँ:
- यह नेटवर्क-केंद्रित युद्ध के लिए आवश्यक है जिसमें वास्तविक समय में सूचना साझा करने और निर्णय लेने के लिए सैन्य इकाइयों को एक ही नेटवर्क में एकीकृत करना शामिल है।
- चीन और पाकिस्तान के साथ उच्च खतरे वाली सीमाओं पर यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- FICV आवश्यकताएँ: उन्नत सेंसर, निगरानी और डिजिटल संचार प्रणालियों को एकीकृत करना आवश्यक है।
विकास और भविष्य की संभावनाएं
- DRDO का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में विकास परीक्षण, उपयोगकर्ता परीक्षण और स्वीकृति प्रक्रियाओं को पूरा करना है।
- DRDO के अध्यक्ष समीर वी. कामत ने इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रति विश्वास व्यक्त किया।