रक्षा मंत्री ने आंध्र प्रदेश में उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (Advanced Medium Combat Aircraft: AMCA) कार्यक्रम फैसिलिटी की आधारशिला रखी।
उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (AMCA) के बारे में
- स्वदेशी स्टील्थ फाइटर: AMCA भारत का स्वदेशी 5वीं पीढ़ी का मध्यम वजन वाला, स्टील्थ बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है।
- विकासकर्ता: वैमानिकी विकास एजेंसी (ADA), डीआरडीओ।
- वेरिएंट्स: GE-F414 इंजन युक्त AMCA Mk1; स्वदेशी इंजन युक्त AMCA Mk2.
- समय-सीमा: प्रोटोटाइप 2028-29 तक तैयार हो जाने का अनुमान है और इसे 2034-35 तक सेना में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की विशेषताएं
- दो इंजन: ऐसे विमानों में एक इंजन खराब होने की स्थिति में दूसरा इंजन सक्रिय हो जाता है। इस तरह ये विमान उच्च स्तर की हवाई सुरक्षा प्रदान करते हैं।
- स्टील्थ क्षमताएं: यह रडार, इन्फ्रारेड और दृश्य संकेतों को कम करती हैं, जिससे दुश्मन द्वारा विमान का पता लगाना और उस पर हमला करना कठिन हो जाता है।
- सुपर क्रूज़: इसमें अधिक ईंधन खर्च करने वाले आफ्टरबर्नर का उपयोग किए बिना, सुपरसोनिक गति (मैक 1 से अधिक) बनाए रखने की क्षमता है। इससे विमान की परिचालन सीमा और दक्षता में काफी वृद्धि होती है।
- अन्य विशेषताएं: एकीकृत एवियोनिक्स, पायलट और विमान के बीच बेहतर समन्वय के लिए AI का उपयोग, तथा मजबूत नेटवर्किंग और संचार प्रणाली।
वर्तमान में संचालित (ऑपरेशनल) 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के उदाहरण: F-22 और F-35 (संयुक्त राज्य अमेरिका), सुखोई Su-57 (रूस), चेंगदू J-20 (चीन)।
5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान AMCA का सामरिक महत्व
- भारतीय वायुसेना का आधुनिकीकरण: मिग-29 और मिराज विमानों के चरणबद्ध रूप से सेवा से हटने के बाद उत्पन्न महत्वपूर्ण क्षमता अंतर को भरने में मदद करेगा तथा भारतीय वायुसेना की घटती स्क्वाड्रन संख्या को फिर से मजबूत करेगा।
- तकनीकी संप्रभुता: विदेशी रक्षा प्लेटफॉर्मों पर निर्भरता कम करेगा और ‘मेक इन इंडिया’ के माध्यम से दीर्घकालिक रक्षा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा।
- आत्मनिर्भर भारत: मजबूत घरेलू एयरोस्पेस औद्योगिक प्रणाली विकसित कर भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को सशक्त बनाएगा।