बांध अवसंरचना प्रबंधन में AI
जलवायु परिवर्तन के कारण चरम मौसम की घटनाओं से उत्पन्न बढ़ती चुनौतियों के जवाब में, NHPC लिमिटेड ने जलविद्युत परियोजनाओं की बाढ़ की भविष्यवाणी और निगरानी को बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर अपना ध्यान केंद्रित किया है।
ई-आभास प्लेटफ़ॉर्म
- NHPC लिमिटेड ने ई-आभास नामक एक AI-आधारित प्रारंभिक चेतावनी मंच विकसित किया है।
- यह प्लेटफॉर्म इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) सेंसर और मशीन लर्निंग मॉडल का उपयोग करके बांधों और बैराज स्थलों पर बाढ़ के पानी के बहाव का अग्रिम पूर्वानुमान लगाता है।
- ई-आभास के माध्यम से निरंतर निगरानी के लिए एक मास्टर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
AI एकीकरण के लाभ
- AI सिस्टम से मौजूदा प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों की सटीकता में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे बांधों और निचले इलाकों में रहने वाले समुदायों को होने वाले संभावित नुकसान को कम करने के लिए समय पर अलर्ट मिल सकेंगे।
- बांधों की वास्तविक समय में निगरानी, जल प्रवाह का अनुकूलन और आपदा पूर्वानुमान क्षमताओं में सुधार इसके प्रमुख लाभ हैं।
हाल के मौसम का प्रभाव
- अक्टूबर 2023 में बादल फटने के कारण सिक्किम में आई अचानक बाढ़ ने तीस्ता III बांध को बुरी तरह प्रभावित किया था।
- इन अचानक आई बाढ़ के दौरान, 510 मेगावाट के तीस्ता वी विद्युत स्टेशन के बांध में पानी भर गया, जिसके कारण इसे बंद करना पड़ा।
भविष्य की संभावनाओं
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग की मदद से बांध और बैराज स्थलों पर वास्तविक समय में बाढ़ का पूर्वानुमान लगाना संभव हो सकेगा, जिसमें पहले से ही पूर्वानुमान लगाने की सुविधा मिलेगी।
- बाढ़ की भविष्यवाणी पर आधारित स्वचालित चेतावनी प्रणालियों को सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के साथ एकीकृत किया जाएगा।
- भारतीय मौसम विज्ञान विभाग , राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त आंकड़ों का एकीकरण निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में सहायक होगा।