ऑकस एलायंस डेवलपमेंट्स
ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका से मिलकर बने औकस गठबंधन ने समुद्री रक्षा सहयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
मुख्य घोषणाएँ
- उन्नत जलमग्न ड्रोन प्रणालियाँ:
- इन देशों ने अपनी समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने के लिए उन्नत जलमग्न ड्रोन प्रणालियों को विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
- इस पहल में मानवरहित पनडुब्बी वाहनों (UUV) के लिए प्रणालियों और हथियारों में निवेश करना शामिल है।
- अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इन यूयूवी पेलोड की अनुकूलन क्षमता और बहु-मिशन क्षमताओं पर प्रकाश डाला, हालांकि विशिष्ट विवरणों का खुलासा नहीं किया गया।
- पनडुब्बी तैनाती:
- अमेरिकी पनडुब्बियों को अगले साल तक ऑस्ट्रेलिया में तैनात किया जाना तय है, जिसकी शुरुआत पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में स्थित HMAS स्टर्लिंग से होगी।
- यह कदम राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन के तहत 2021 में हस्ताक्षरित रक्षा समझौते का हिस्सा है।
समझौते का विवरण
- पहला स्तंभ:
- अमेरिका ऑस्ट्रेलिया को परमाणु ऊर्जा से चलने वाली तीन वर्जीनिया श्रेणी की पनडुब्बियां बेचेगा।
- यह समझौता ऑस्ट्रेलियाई उप-खरीद योजनाओं को सुव्यवस्थित करता है, जिसमें प्रशिक्षण, रखरखाव और आपूर्ति श्रृंखलाओं को आसान बनाने के लिए सेवा में मौजूद जहाजों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
- ऑस्ट्रेलिया के पास अधिकतम दो अतिरिक्त पनडुब्बियां खरीदने का विकल्प मौजूद है।
- दूसरा स्तंभ:
- इस स्तंभ में क्वांटम कंप्यूटिंग , कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत हथियारों सहित उन्नत प्रौद्योगिकियों को साझा करना शामिल है।
महत्व
इस गठबंधन और हाल ही में घोषित समझौतों का उद्देश्य अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाते हुए और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा क्षमताओं को बढ़ाते हुए समुद्री क्षेत्र में सामूहिक बढ़त बनाए रखना है।