जिम्बाब्वे में आयोजित रामसर CoP-15 के दौरान 'आर्द्रभूमियों के विवेकपूर्ण उपयोग' पर भारत का संकल्प अपनाया गया | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

'आर्द्रभूमियों के लिए संधारणीय जीवनशैली को बढ़ावा देने' पर भारत के संकल्प को स्वीकार कर लिया गया है। इसे 172 देशों ने समर्थन दिया, ताकि आर्द्रभीमियों के संरक्षण से संबंधित प्रयासों को बढ़ावा दिया जा सके।

  • यह संकल्प मिशन लाइफ/ Mission LiFE (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) के सिद्धांतों के अनुरूप है।
    • मिशन लाइफ भारत के नेतृत्व वाला एक वैश्विक आंदोलन है। इसे 2021 में ग्लासगो में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP-26) में प्रस्तुत किया गया था।
    • इसका उद्देश्य व्यक्तियों और समुदायों को ऐसी जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है, जो प्रकृति के साथ तालमेल बिठाने वाली हो और उसे नुकसान न पहुंचाए।

आर्द्रभूमियों के विवेकपूर्ण उपयोग (Wise Use of Wetland) के बारे में

  • यह रामसर कन्वेंशन के तहत आर्द्रभूमि संरक्षण हेतु मुख्य सिद्धांत है ।
  • इस कन्वेंशन के तहत संधारणीय विकास के संदर्भ में विवेकपूर्ण उपयोग को पारिस्थितिकी-तंत्र आधारित पद्धतियों के आधार पर आर्द्रभूमियों की पारिस्थितिक विशेषताओं को बनाए रखने के रूप में परिभाषित किया गया है।
    • इस प्रकार आर्द्रभूमियों और उनके द्वारा प्रदान की गई सभी सेवाओं का संरक्षण एवं संधारणीय उपयोग संभव होता है, जिससे लोगों व प्रकृति दोनों को लाभ होता है।
  • इसके सभी पक्षकारों पर राष्ट्रीय योजनाओं, कानून, प्रबंधन कार्यों और सार्वजनिक शिक्षा के माध्यम से विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने का दायित्व सौंपा गया है।
  • आर्द्रभूमियों के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति भारत का दृष्टिकोण
    • जलीय पारिस्थितिकी-तंत्रों के संरक्षण हेतु राष्ट्रीय योजना (NPCA) शुरू की गई है।
    • एकीकृत प्रबंधन योजनाएं (IMPs) संधारणीय उपयोग के लिए रणनीतियों की रूपरेखा प्रस्तुत करती हैं।
    • भारत ने "वेटलैंड वाइज यूज- एन इम्प्लीमेंटेशन फ्रेमवर्क" शीर्षक से 2024 फ्रेमवर्क जारी किया है।
    • 'मिशन सहभागिता’ और ‘आर्द्रभूमि बचाओ अभियान’ में 2 मिलियन से अधिक नागरिक स्वयंसेवक के रूप में शामिल हुए। इससे 170,000 से अधिक आर्द्रभूमियों का मानचित्रण संभव हो सका।

रामसर कन्वेंशन के बारे में

  • उत्पत्ति: इसे 1971 में ईरान के शहर रामसर में अपनाया गया था और यह 1975 में लागू हुआ था।
  • इसके बारे में: यह एक अंतर-सरकारी संधि है, जो आर्द्रभूमियों और उनके संसाधनों के संरक्षण एवं विवेकपूर्ण उपयोग के लिए रूपरेखा प्रदान करती है।
  • अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि: दुनिया भर में 2,500 से अधिक रामसर स्थल हैं।
    • अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि के लिए मानदंड: इसके लिए आर्द्रभूमि को रामसर कन्वेंशन द्वारा स्थापित 9 मानदंडों में से कम-से-कम एक को पूरा करना होता है। 
    • वर्तमान में भारत में 91 रामसर स्थल हैं, जो कि एशिया में सर्वाधिक संख्या है।
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED VIDEOS

1
न्यूज़ टुडे | डेली करेंट अफेयर्स | 31 जुलाई, 2025

न्यूज़ टुडे | डेली करेंट अफेयर्स | 31 जुलाई, 2025

YouTube HD
Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet