सिक्किम राज्य की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि सिक्किम भारत के जैविक खाद्य मिशन (Organic food mission) का नेतृत्व कर रहा है।
जैविक खेती (Organic Farming) के बारे में
- यह एक संधारणीय कृषि प्रणाली है। इसमें रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और अनुवांशिक रूप से संशोधित जीवों (GMOs) का उपयोग करने से बचा जाता है।
- इसमें फसल चक्र (crop rotation), फसल अवशेष, पशुजन्य खाद (Animal Manure) और अन्य जैविक संसाधनों का उपयोग किया जाता है।
- लाभ:
- किसानों की कृषि लागत कम होती है,
- मृदा की गुणवत्ता और जैव विविधता में सुधार होता है,
- स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित और रसायन-मुक्त खाद्य पदार्थ प्राप्त होते हैं,
- जल प्रदूषण कम होता है, आदि।
जैविक खेती का सिक्किम मॉडल
- इस राज्य ने 2010 में सिक्किम ऑर्गेनिक मिशन शुरू किया और 2016 तक विश्व का पहला पूर्ण जैविक राज्य (Fully organic state) बन गया।
- सिक्किम को जैविक कृषि में उसके नेतृत्व के लिए 2018 में संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) द्वारा ‘फ्यूचर पॉलिसी गोल्ड अवार्ड’ से भी सम्मानित किया गया।
- जैविक कृषि को बढ़ावा देने हेतु प्रमुख पहलें:
- सिक्किम राज्य जैविक प्रमाणन एजेंसी (SOCA) का गठन: यह जैविक कृषि की निगरानी और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करती है।
- कृषि नीतियां: जैविक बीज, वित्तपोषण (अनुदान, सब्सिडी), इनपुट और स्थानीय उत्पादन प्रणालियों को बढ़ावा देने के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है।
- बाजार पहुंच: किसानों को घरेलू और वैश्विक बाजारों में जैविक उत्पाद बेचने में मदद करने के लिए अवसंरचना और आपूर्ति श्रृंखलाओं का विकास किया गया है।
सिक्किम के बारे में मुख्य तथ्य
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