यह प्राधिकरण पेरिस समझौते (2015) के अनुच्छेद 6.4 के तहत कार्बन उत्सर्जन व्यापार प्रणाली (Carbon Emissions Trading Regime) को लागू करने के लिए अनिवार्य है।
पेरिस समझौते का अनुच्छेद 6
- इसके अनुसार देश स्वेच्छा से आपस में सहयोग करके अपने-अपने जलवायु लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं। इसके तहत अंतर्राष्ट्रीय कार्बन बाजार बनाए गए हैं, जहां देश आपस में कार्बन क्रेडिट्स का व्यापार (खरीद-बिक्री) कर सकते हैं।
- अनुच्छेद 6.4: इसे पेरिस एग्रीमेंट क्रेडिटिंग मैकेनिज्म (PACM) के रूप में भी जाना जाता है। यह देशों को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती से अर्जित कार्बन क्रेडिट्स को एक या अधिक देशों को ट्रांसफर करने या बेचने में सक्षम बनाता है। इससे उनके जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलती है।
राष्ट्रीय नामित प्राधिकरण (NDA या DNA) के बारे में
- परिभाषा: यह वह संगठन है, जिसे किसी देश (पक्षकार) द्वारा यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह अनुच्छेद 6.4 से संबंधित परियोजनाओं में भागीदारी को अधिकृत और मंजूरी प्रदान करे।
- इसके तहत गतिविधियों/ परियोजनाओं की एक सूची तैयार की गई है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- GHG के शमन से संबंधित गतिविधियां (नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन आदि);
- वैकल्पिक सामग्रियां (ग्रीन अमोनिया); और
- कार्बन रिमूवल संबंधी गतिविधियां (कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण)।
- संरचना: पर्यावरण मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में 21 सदस्यीय समिति।
- NDA के कार्य: उत्सर्जन न्यूनीकरण व्यापार के लिए पात्र गतिविधियों/ परियोजनाओं की सूची की सिफारिश करना और अनुच्छेद 6.4 के तहत परियोजनाओं को अधिकृत करना।
कार्बन बाजार के बारे में
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