केंद्र सरकार ने बिहार में लीची स्टिंक बग से होने वाले नुकसान का आकलन करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
- इस समिति की अध्यक्षता राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर के निदेशक करेंगे।
- भारत, विश्व में लीची का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। प्रथम स्थान पर चीन है।
लीची (लीची चिनेंसिस) के बारे में:
- यह एक रसदार उपोष्णकटिबंधीय फल है, जो अपने मीठे, पारदर्शी और खाने योग्य गूदे (अरिल) के लिए प्रसिद्ध है। वनस्पति विज्ञान के अनुसार यह सैपिंडेसी कुल से संबंधित है।
- कृषि जलवायु आवश्यकता: नम उपोष्णकटिबंधीय जलवायु, कम ऊंचाई (800 मीटर तक), कार्बनिक पदार्थों से प्रचुर, गहरी अच्छी जल निकासी वाली दोमट मृदा जिसका pH मान 5.0-7.0 हो।
- प्रमुख उत्पादक राज्य: बिहार (सर्वाधिक), पश्चिम बंगाल, असम, पंजाब, झारखंड, त्रिपुरा आदि।
तेलंगाना सरकार ने मूसी रिवरफ्रंट विकास परियोजना के पहले चरण के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मूसी नदी के बारे में:
- उद्गम: अनंतगिरी पहाड़ियां, रंगारेड्डी जिला (तेलंगाना)।
- यह कृष्णा नदी की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है। यह उस्मान सागर तथा हिमायत सागर जलाशयों के स्रोत है।
- यह दो छोटी धाराओं - एसी तथा मूसा से मिलकर बनी है, जो आगे चलकर मूसी नदी में मिल जाती हैं।
- महत्व: यह हैदराबाद के लिए जल का प्रमुख स्रोत है।
RBI ने वाणिज्यिक बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों के लिए पूंजी पर्याप्तता मानदंडों में संशोधन किया है।
- RBI ने अब बैंकों को CRAR की गणना के लिए 'कॉमन इक्विटी टियर 1' (CET1) पूंजी में अर्जित त्रैमासिक लाभ को शामिल करने की अनुमति दी है।
CRAR के बारे में:
- पूंजी से जोखिम-भारित संपत्ति अनुपात (CRAR): इसे पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CAR) के रूप में भी जाना जाता है। यह RBI द्वारा उपयोग किया जाने वाला प्रमुख मानक है, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि कोई बैंक दिवालिया होने से पहले संभावित नुकसान को सहन करने में सक्षम हो।
- सूत्र: CRAR = (टियर 1 पूंजी} + टियर 2 पूंजी) / (जोखिम भारित संपत्तियां)
- टियर I पूंजी: यह बैंक की उच्चतम गुणवत्ता वाली पूंजी होती है क्योंकि यह घाटे को वहन करने के लिए पूरी तरह से उपलब्ध होती है।
- जैसे: CET1 पूंजी जिसमें साझा शेयर, स्टॉक अधिशेष और प्रतिधारण आय।
- टियर II पूंजी: (कुछ रिज़र्व और अधीनस्थ ऋण) में टियर I पूंजी की तुलना में कम नुकसान वहन करने की क्षमता होती है।
- टियर I पूंजी: यह बैंक की उच्चतम गुणवत्ता वाली पूंजी होती है क्योंकि यह घाटे को वहन करने के लिए पूरी तरह से उपलब्ध होती है।
Article Sources
1 sourceभारत के वाणिज्य सचिव भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (TEPA) के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाने के लिए स्विट्जरलैंड की यात्रा पर हैं।
यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बारे में:

- EFTA एक अंतर-सरकारी संगठन है जिसे 1960 में स्टॉकहोम अभिसमय के माध्यम से स्थापित किया गया था।
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य अपने सदस्यों के बीच मुक्त व्यापार और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना है।
- सदस्य: आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड।
- प्रारंभिक संस्थापक सदस्य: ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, नॉर्वे, पुर्तगाल, स्वीडन, स्विट्जरलैंड और यूनाइटेड किंगडम।
- भारत यूरोपीय संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और चीन के बाद EFTA का 5वाँ सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।
- EFTA देशों में, स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, उसके बाद नॉर्वे का स्थान आता है।
Article Sources
1 sourceUN-हैबिटेट ने 'कैटलॉग ऑफ सॉल्यूशंस 2026-2029' लॉन्च किया है।
- यह कैटलॉग सीधे UN-हैबिटेट रणनीतिक योजना 2026-2029 का समर्थन करता है, जिसे 2025 में अपनाया गया था।
UN-हैबिटेट के बारे में:
- स्थापना: 1977 में, हैबिटेट I ने संयुक्त राष्ट्र मानव अधिवासन कार्यक्रम (या UN-हैबिटेट) की नींव रखी।
- अधिदेश: सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से संधारणीय कस्बों और शहरों को बढ़ावा देना।
- मुख्यालय: नैरोबी (केन्या)।
- जारी महत्वपूर्ण दस्तावेज:
- वैंकूवर घोषणा-पत्र (हैबिटेट I),
- इस्तांबुल घोषणा-पत्र (हैबिटेट II),
- द न्यू अर्बन एजेंडा (हैबिटेट III - क्विटो, इक्वाडोर)।
DRDO और भारतीय वायु सेना (IAF) ने ओडिशा में टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑगमेंटेशन (TARA) हथियार का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया।
TARA के बारे में:
- यह भारत की पहली स्वदेशी ग्लाइड हथियार प्रणाली है। यह गैर-निर्देशित वारहेड्स को सटीक-निर्देशित हथियारों में बदल देती है।
- विकास: इसका विकास रिसर्च सेंटर इमारत (RCI), हैदराबाद द्वारा DRDO की अन्य प्रयोगशालाओं से सहयोग से किया गया है।
- लाभ: इसकी 'स्टैंड-ऑफ' क्षमता पायलटों को दुश्मन की वायु रक्षा कवरेज के बाहर से बम गिराने में सक्षम बनाती है।
- तैनात होने के बाद, ये बम उच्च सबसोनिक गति (>650 किमी/घंटा) से ग्लाइड करते हैं, जिनकी रेंज 80 किमी से अधिक होती है, इससे उन्हें रोकना कठिन हो जाता है।
- भारत में अन्य ग्लाइड बम: गौरव (LRGB), SAAW (स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन) आदि।
हंटिंगटन से पीड़ित मरीज इस बीमारी को 'दुर्लभ रोग' (Rare Disease) का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
हंटिंगटन रोग के बारे में:
- प्रकृति: यह एक वंशानुगत न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार है जो मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिकाओं के धीरे-धीरे नष्ट होने का कारण बनता है।
- प्रभाव: यह अनियंत्रित रूप से हिलने-डुलने, व्यवहार, संज्ञान और व्यक्तित्व को प्रभावित करता है।
- कारण: यह रोग माता-पिता से आनुवंशिक उत्परिवर्तन के कारण संतानों में होता है।
- प्रकार:
- वयस्क में लक्षण दिखना: इसके सबसे आम रूपों के लक्षण प्रायः 30-50 वर्ष की आयु के बीच दिखाई देते हैं।
- किशोर: यह बच्चों/ किशोरों में होने वाला दुर्लभ रूप है।
- प्रमुख लक्षण: अनियंत्रित शारीरिक गतिविधियां, सोचने-समझने की क्षमता में कमी, व्यवहार एवं मानसिक समस्याएं, तथा धीरे-धीरे शरीर की गतिविधियों (मोटर फंक्शन्स) का कमजोर होना।