भारत में 6 GHz स्पेक्ट्रम बैंड का लाइसेंस रद्द करना
भारत सरकार ने 6 GHz स्पेक्ट्रम बैंड के निचले हिस्से को लाइसेंसमुक्त कर दिया है, जिससे घरेलू वाई-फाई नेटवर्क की गति में वृद्धि होने की उम्मीद है। इस निर्णय का प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में स्वागत किया गया है।
अधिसूचना के मुख्य विवरण
- यह छूट 5925-6425 मेगाहर्ट्ज आवृत्ति बैंड में संचालित होने वाले वाई-फाई सहित वायरलेस एक्सेस सिस्टम पर लागू होती है।
- इस बदलाव से भारत में वाईफाई 7 जैसी नवीनतम वायरलेस तकनीकों का उपयोग संभव हो सकेगा।
- नए नियमों के तहत कम बिजली खपत वाले इनडोर और बेहद कम बिजली खपत वाले आउटडोर उपकरणों को लाइसेंसिंग आवश्यकताओं से छूट दी गई है, बशर्ते वे विशिष्ट तकनीकी शर्तों का पालन करें।
संभावित लाभ
- 6 GHz बैंड संभावित रूप से 9.6 गीगाबिट प्रति सेकंड (Gbps) तक की डेटा गति प्रदान कर सकता है, जबकि 5 GHz बैंड में यह गति 1.3 Gbps और 2.4 GHz बैंड में 600 मेगाबिट प्रति सेकंड (Mbps) है।
- अमेरिका, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया सहित 84 से अधिक देशों ने पहले ही इसी तरह की लाइसेंस-मुक्त करने की नीतियों को अपना लिया है।
उद्योग पर प्रभाव
स्मार्ट फैक्ट्रियों, कनेक्टेड उद्यमों और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों के लिए उच्च क्षमता वाली वाई-फाई कनेक्टिविटी आवश्यक है। यह कदम भारत को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप स्थापित करता है और इसे उन्नत वायरलेस प्रौद्योगिकियों में अग्रणी बनाता है।