भारत की सक्रिय वैश्विक व्यापार रणनीति
भारत ने निर्यात बढ़ाने और वैश्विक व्यापार भागीदार के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए एक सक्रिय व्यापार रणनीति अपनाई है, जिसमें महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंचों में बढ़ती उपस्थिति पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) 2023
- इसका लक्ष्य 2030 तक निर्यात को 2 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ाना है।
- वाणिज्य विभाग की 2025 की वार्षिक समीक्षा के अनुसार, कुल निर्यात में 6.05% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़कर 825.25 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
व्यापार रणनीति में बदलाव
- सतर्क दृष्टिकोण से लेकर प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापक मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) वाली सक्रिय रणनीति तक।
- अनुमान है कि 2026 तक मुक्त व्यापार समझौते भारत के निर्यात का लगभग 71% हिस्सा कवर कर लेंगे।
- ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ, यूएई, ब्रिटेन और अमेरिका जैसी उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के साथ एकीकरण पर केंद्रित।
प्रमुख व्यापार समझौते
- भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता:
- 27 जनवरी, 2026 को हस्ताक्षरित इस समझौते के तहत लगभग दो अरब लोगों को कवर करने वाला एक विशाल मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाया गया।
- व्यापार की जाने वाली 90% से अधिक वस्तुओं पर शुल्क कम/समाप्त कर दिया गया है, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए बाजार तक पहुंच में वृद्धि हुई है।
- इससे बांग्लादेश और वियतनाम जैसे निर्यातकों के मुकाबले प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है।
- भारत-अमेरिका ढांचागत समझौता:
- फरवरी 2026 में हस्ताक्षरित यह समझौता पारस्परिक व्यापार और शुल्क में कमी लाने पर केंद्रित है।
- यह संस्था दुर्लभ पृथ्वी धातुओं और अर्धचालकों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को प्राथमिकता देती है।
रणनीतिक उद्देश्य
- लाभदायक बाजारों तक तरजीही पहुंच प्राप्त करें, जिससे निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी।
- भारतीय कंपनियों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत करके उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना।
- ये राजनयिक प्रभाव को बढ़ाने और व्यापारिक मानदंडों को आकार देने के साधन के रूप में कार्य करते हैं।
समग्र लक्ष्य
भारत की विकसित हो रही वैश्विक व्यापार रणनीति का उद्देश्य बाजार पहुंच का विस्तार करके, निवेश आकर्षित करके और निर्यात में विविधता लाकर इसे एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करना और विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करना है।