मध्य पूर्व में मानवीय आपातकाल की संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की घोषणा
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी, UNHCR ने मध्य पूर्व में बढ़ते संकट को एक बड़ी मानवीय आपात स्थिति घोषित किया है, जिसके लिए तत्काल क्षेत्रीय प्रतिक्रिया की आवश्यकता है।
वर्तमान स्थिति
- यह संकट हाल ही में एक शनिवार को शुरू हुआ, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा।
- हाल की शत्रुता और हमलों के कारण बड़ी संख्या में लोगों का पलायन हुआ है।
- अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर संघर्षों के कारण हजारों परिवार विस्थापित हो गए हैं।
प्रभाव
- प्रभावित क्षेत्रों में पहले से ही लगभग 25 मिलियन लोग शरणार्थियों, आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों या स्वदेश लौटने वालों के रूप में रह रहे हैं।
यूएनएचसीआर की कार्रवाइयां
- यह एजेंसी क्षेत्र के प्रभावित देशों में जीवन रक्षक सहायता पहुंचाने के लिए काम कर रही है।
अनिवार्य उपाय
- सुरक्षा के लिए सीमा पार करने या आवागमन करने की आवश्यकता वाले सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
नव गतिविधि
- हाल ही में हुए हमलों में ईरान और लेबनान को निशाना बनाया गया है क्योंकि इजरायल संघर्ष को और आगे बढ़ाने की योजना बना रहा है।