भारत अपने सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के माध्यम से अपनी पूरी आबादी के सार्वभौमिक टीकाकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के बारे में
- शुरुआत: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 1985 में की गई।
- उद्देश्य: टीकाकरण कवरेज में तेजी से वृद्धि करना, विश्वसनीय 'कोल्ड चेन' प्रणाली स्थापित करना और वैक्सीन उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना।
- टीकाकरण कवरेज वाली बीमारियां: यह अभियान 12 प्राणघातक बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। इनमें डिप्थीरिया, पोलियो, टिटनेस, तपेदिक, हेपेटाइटिस B, खसरा-रूबेला आदि शामिल हैं।
- मिशन इंद्रधनुष: 2015 में शुरू किया गया। इसका उद्देश्य उन बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करना है जिनका कोई टीकाकरण नहीं हुआ है या आंशिक रूप से टीकाकरण हुआ है।
- इसके बाद गहन मिशन इंद्रधनुष (Intensified Mission Indradhanush) शुरू किया गया। इसमें शहरी क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दिया गया।
- उपर्युक्त अभियानों का लक्ष्य नियमित टीकाकरण सेवाओं को मजबूत करके और दुर्गम आबादी को लक्षित करके UIP के तहत 90% से अधिक पूर्ण टीकाकरण कवरेज प्राप्त करना है।
- डिजिटल प्रणाली:
- U-Win: यह एक डिजिटल ऐप है। यह लोगों को अपने निवास-स्थान के पास टीकाकरण केंद्र खोजने, टीकाकरण का समय प्राप्त करने और टीकाकरण रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद करता है।
- इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (eVIN): यह एक अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है। यह देश भर में कई स्थानों पर वास्तविक समय में वैक्सीन के स्टॉक स्तर और भंडारण वाली जगह के तापमान की निगरानी करता है।
सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के तहत उपलब्धियां
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