इस रिपोर्ट में भारत के बीमा क्षेत्रक के तेजी से विस्तार का अनुमान लगाया गया है। इसके अनुसार 2026 से 2030 के बीच बीमा प्रीमियम संवृद्धि दर 6.9% तक पहुँच सकती है।
भारत में बीमा क्षेत्रक
- विश्व में स्थान: कुल प्रीमियम के मामले में भारत, विश्व का 10वां सबसे बड़ा बीमा बाजार है।

- बीमा प्रवेश या पैठ (Insurance penetration): यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की तुलना में कुल प्रीमियम प्रतिशत है। वर्तमान में यह 3.7% है। जीवन बीमा में 2.7% और गैर-जीवन बीमा में 1% .
- बीमा घनत्व (Insurance density): यह प्रति व्यक्ति औसत प्रीमियम राशि है। वर्तमान में यह 97.0 अमेरिकी डॉलर है।
- घरेलू वित्तीय परिसंपत्तियों में बीमा की हिस्सेदारी: घरेलू वित्तीय परिसंपत्तियों में बीमा और पेंशन फंड की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 29.6% हो गई।
- जीवन बीमा: ग्राहकों की ओर से प्रबंधित कुल परिसंपत्ति (Assets Under Management) में 91% हिस्सेदारी जीवन बीमा की है।
बीमा क्षेत्रक को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदम
- "2047 तक सभी के लिए बीमा": यह भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) का विजन है।
- वर्ष 2025 में संशोधन: बीमा क्षेत्रक में पूंजी और प्रौद्योगिकियों को आकर्षित करने के लिए 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति दी गई।
- GST से छूट: व्यक्तिगत जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी हटा दिया गया। इससे बीमा कराना वहनीय हो गया।
- उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण: स्वास्थ्य बीमा में मोरेटोरियम अवधि को घटाकर 5 वर्ष कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि यदि कोई व्यक्ति लगातार 5 साल तक बिना रुकावट स्वास्थ्य बीमा कवर बनाए रखता है, तो उसके बाद बीमा कंपनी जानकारी छिपाने या गलत जानकारी देने के आधार पर उसके क्लेम को अस्वीकार नहीं कर सकती।
- हालांकि, अगर धोखाधड़ी (फ्रॉड) साबित हो जाती है, तो इस स्थिति में क्लेम खारिज किया जा सकता है।
- सामाजिक सुरक्षा योजनाएं:
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना: इसके तहत 2 लाख रुपये तक का जीवन-बीमा कवर प्रदान किया जाता है।
- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: इसके तहत 20 रुपये के वार्षिक प्रीमियम पर दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में बीमा कवर प्रदान किया जाता है।
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना: इसके तहत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है। 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों को भी इसका लाभ प्रदान कर दिया गया है।