हाल ही में CGTMSE ने क्रेडिट गारंटी पर एक वैश्विक संगोष्ठी का आयोजन किया।
CGTMSE के बारे में:
- स्थापना: इसकी स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी।
- मंत्रालय: इसे केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय तथा भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित किया गया है।
- लक्ष्य: इसका लक्ष्य सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्षेत्रक के मौजूदा और नए उद्यमों को गारंटी प्रदान करते हुए बिना कुछ गिरवी रखे (कोलेटरल-फ्री) औपचारिक ऋण की उपलब्धता बढ़ाना है।
- कार्यप्रणाली: यदि कोई बैंक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को कोलेटरल-फ्री ऋण देता है और ऋणी डिफॉल्ट करता है, तो CGTMSE उस हानि का 75-90% हिस्सा वहन करता है।
- कार्य: यह सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्षेत्र के लिए क्रेडिट गारंटी योजना का संचालन करता है।
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1 source'दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन ' के तहत बिहार की पहली व्यवस्थित दलहन खरीद पहल शुरू की गई है।
‘दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन’ के बारे में:
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ाकर और आयात पर निर्भरता कम करके दलहन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है। इसके साथ ही, यह किसानों की आय में सतत सुधार सुनिश्चित करता है।
- लक्ष्य: वर्ष 2030-31 तक घरेलू दलहन उत्पादन को बढ़ाकर 350 लाख टन करना है। साथ ही, दलहन रकबा क्षेत्र को बढ़ाकर 310 लाख हेक्टेयर करना है।
- शुरुआत: इसकी घोषणा केंद्रीय बजट 2025-26 में की गई थी और इसे 1 अक्टूबर, 2025 को मंजूरी दी गई थी।
- योजना-अवधि: 6 वर्ष (2025-26 से 2030-31)
- मंत्रालय: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय।
- मुख्य फसलें: तुअर/अरहर (पिजन पी); उड़द (काला चना) और मसूर (लाल दाल)।
भगवान बुद्ध के तथागत पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी लद्दाख में आयोजित की जाएगी।
तथागत अवशेषों के बारे में:
- तथागत के पवित्र अवशेष बुद्ध के भौतिक अवशेषों (जैसे अस्थियाँ आदि) और उनसे जुड़े स्मारकों का प्रतीक होते हैं। ये अवशेष श्रद्धा और सम्मान को दर्शाते हैं तथा इन्हें संघर्ष और नुकसान से सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया जाता है।
- तथागत वह नाम है जिसका उपयोग ऐतिहासिक बुद्ध शाक्यमुनि ने स्वयं को संदर्भित करने के लिए किया था। इसका विवरण पालि त्रिपिटक में प्राप्त होता है।
- तथागत का अर्थ है: वह जो (यथार्थ को जानकर) वैसा ही आया और चला गया" है। यह उस व्यक्ति को दर्शाता है जो सत्य के मार्ग पर चलकर निर्वाण प्राप्त कर चुका है और जो कहता है, वही अमल में लाता है।
- महायान बौद्ध परंपरा में यह शब्द दो प्रकार की परंपराओं (वंशावली) को समझने में मदद करता है:
- ग्रंथ परंपरा (पाठ्य संचरण): जहाँ ज्ञान और शिक्षाएँ विद्वानों व शास्त्रों के माध्यम से आगे बढ़ती हैं।
- अनुभव परंपरा (बोध संचरण): जहाँ ज्ञान सीधे गुरु से शिष्य को अनुभव के रूप में मिलता है।
- यह अवधारणा वज्रयान बौद्ध धर्म में भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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1 sourceहोर्मुज संकट ने विश्व के एक अन्य सबसे बड़े चोकपॉइंट, मलक्का जलडमरूमध्य की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
मलक्का जलडमरूमध्य के बारे में:

- अवस्थिति: यह अंडमान सागर (हिंद महासागर) और दक्षिण चीन सागर (प्रशांत महासागर) को जोड़ने वाला जलमार्ग है।
- तटवर्ती देश: इंडोनेशिया, थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर।
- सामरिक महत्व:
- विश्व के लगभग 22% समुद्री व्यापार इसी होकर गुजरते हैं।
- इसे सबसे बड़ा "तेल पारगमन चोकपॉइंट" माना जाता है।
- यह पूर्वी एशिया से मध्य पूर्व और यूरोप तक का सबसे छोटा समुद्री मार्ग है।
- चिंताएँ:
- इसका सबसे संकरा बिंदु (सिंगापुर जलडमरूमध्य का फिलिप्स चैनल) एक प्राकृतिक अवरोध उत्पन्न करता है। इससे जहाजों के टकराने या तेल रिसाव की चिंताएं बनी रहती हैं।
- इसके कुछ हिस्से अपेक्षाकृत उथले हैं, जो बड़े जहाजों के आवागमन को बाधित करते हैं।
- व्यापारिक जहाजों पर समुद्री डकैती और हमलों का खतरा बना रहता है।
UN-ESCAP द्वारा 'एशिया और प्रशांत का आर्थिक और सामाजिक सर्वेक्षण 2026' रिपोर्ट जारी की गई है।
रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु:
- अनुमान: इस वर्ष भारतीय अर्थव्यवस्था की संवृद्धि दर 6.4% (2025 में 7.4% के बाद) और 2027 में 6.6% रहने का अनुमान है।
UN-ESCAP के बारे में
- मुख्यालय: बैंकॉक (थाईलैंड)
- यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक अंतर-सरकारी मंच है।
- स्थापना: इसकी स्थापना 1947 में एशिया और सुदूर पूर्व के लिए आर्थिक आयोग (ECAFE) के रूप में हुई थी।
- मूल निकाय: यह संयुक्त राष्ट्र के 5 क्षेत्रीय आयोगों में से एक है और आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) को रिपोर्ट करता है।
- सदस्यता: इसमें 53 सदस्य देश और 9 एसोसिएट सदस्य शामिल हैं।
- इसमें एशिया-प्रशांत क्षेत्र के बाहर के देश भी शामिल हैं। उदाहरण के लिए, UK और फ्रांस जैसे देश।
- भारत इसका संस्थापक सदस्य है।
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1 source'नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम' (NAMASTE) योजना ने लगभग 90 हजार सीवर और सेप्टिक टैंक श्रमिकों की पहचान करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
नमस्ते योजना के बारे में:
- शुरुआत: इसे 2023 में केंद्रीय क्षेत्रक योजना के रूप में शुरू किया गया था।
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य खतरनाक सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई में लगे व्यक्तियों को औपचारिक रोजगार प्रदान करना और उनके पुनर्वास की दिशा में कार्य करना है।
- संयुक्त पहल: यह केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय तथा केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की गई है।
- इसे राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त और विकास निगम (NSKFDC) द्वारा कार्यान्वित किया जाता है।
- लक्षित समूह: सीवर और सेप्टिक टैंक स्वच्छता श्रमिक (SSWs); 2024 में इसमें कचरा बीनने वालों को भी शामिल किया गया है।
अमेरिका में 'ट्विस्टर्स' नामक प्रबल मौसम परिघटना देखी गई है।
ट्विस्टर्स के बारे में:
- यह टॉरनेडो का दूसरा नाम है। यह बहुत तेज़ घूमने वाली हवा का स्तंभ होता है (लगभग 500 किमी/घंटा), जो तड़ितझंझा वाले बादल से जमीन तक फैलता है।
- निर्माण: जब गर्म और नम हवा, ठंडी और शुष्क हवा से टकराती है, तो वायुमंडल में अस्थिरता पैदा होती है और तड़ितझंझा के भीतर ऊपर उठने वाली प्रबल हवाएँ बनती हैं।
- हवा की दिशा और गति में बदलाव (विंड शियर/पवन अपरूपण) से हवा घूमने लगती है। जब यह घूर्णन लंबवत होकर तेज हो जाता है, तब टॉरनेडो या ट्विस्टर बनता है।
- अमेरिका के "टॉरनेडो एली" (टेक्सास, ओक्लाहोमा, कंसास, नेब्रास्का) नामक क्षेत्र में सर्वाधिक संख्या में टॉरनेडो आते हैं।
वैज्ञानिकों ने अरुणाचल प्रदेश में मेंढक की एक नई प्रजाति, 'लिम्नोनेक्ट्स मोतीझील' की खोज की है।
लिम्नोनेक्ट्स मोतीझील के बारे में:
- यह एक ऐसे समूह से संबंधित है जिसे आमतौर पर 'फ़ैंग्ड फ्रॉग्स' कहा जाता है। यह नाम नर के निचले जबड़े में छोटे, फ़ैंग जैसे उभारों के कारण दिया गया है।
- ये मेंढक पूरे दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाए जाते हैं। ये अपनी असामान्य प्रजनन आदतों के लिए जाने जाते हैं।
- नई प्रजाति को लिम्नोनेक्ट्स वंश के अंतर्गत रखा गया है।
- पानी में या पत्तियों पर अंडे देने वाले अधिकतर मेंढकों के विपरीत, यह प्रजाति जंगल की सतह पर बिखरी पत्तियों के नीचे मिट्टी से घोंसला बनाती है।
- यह भारत में इस समूह के मेंढकों में पहले कभी दर्ज नहीं किया गया व्यवहार है।