'ओटार्मेनी' (Otarmeni) नामक इस जीन थेरेपी का विकास रीजेनरोन फार्मास्यूटिकल्स ने किया है। इस थेरेपी को हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 'नेशनल प्रायोरिटी वाउचर प्रोग्राम' के तहत मंजूरी दी है।
ओटार्मेनी थेरेपी की मुख्य विशेषताएं
- OTOF जीन उत्परिवर्तन (Mutation): यह थेरेपी OTOF जीन उत्परिवर्तन के कारण होने वाले बहरापन के इलाज के लिए विकसित की गई है।
- OTOF जीन ‘ओटोफेरलिन’ (otoferlin) नामक प्रोटीन बनाने के लिए जिम्मेदार होता है। यह प्रोटीन अंदरूनी कान की कोशिकाओं को ध्वनि के कंपन को मस्तिष्क द्वारा समझे जाने वाले संकेतों में बदलने में मदद करता है।
- जब किसी व्यक्ति में इस जीन की दो दोषपूर्ण प्रतियां (माता-पिता से एक-एक) होती हैं, तो इससे व्यक्ति को या तो कम सुनाई पड़ता है या वह पूर्ण बहरा हो जाता है। यह विकार वंशानुगत, गैर-सिंड्रोमिक (किसी अन्य लक्षण या बीमारी से जुड़ा नहीं होना) बहरापन के लगभग 2% से 8% मामलों में पाया जाता है।
- ओटार्मेनी: यह एक बार दी जाने वाली ‘बायोलॉजिकल-डिवाइस कॉम्बिनेशन’ चिकित्सा है, जिसमें डुअल ‘एडिनो-एसोसिएटेड वायरस सेरोटाइप 1' (AAV1) वेक्टर आधारित जीन थेरेपी का उपयोग होता है।
- यह आंतरिक कान की कोशिकाओं में OTOF जीन की त्रुटिरहित प्रति पहुंचाती है, जिससे ओटोफेरलिन प्रोटीन का निर्माण फिर से शुरू होता है और सुनने की प्रक्रिया बहाल होती है।
- डुअल एडिनो-एसोसिएटेड वायरस (AAV) थेरेपी में दो अलग-अलग एडिनो-एसोसिएटेड वायरस (AAVs) का उपयोग करके उपचारात्मक जीन को शरीर में पहुंचाया जाता है।
जीन थेरेपी के बारे में
- अर्थ: जीन थेरेपी ऐसी प्रौद्योगिकियों का समूह है, जिनके माध्यम से दोषपूर्ण जीन को ठीक किया जाता है। इसमें व्यक्ति की कोशिकाओं और ऊतकों में नए जीन डाले जाते हैं ताकि बीमारी का इलाज किया जा सके।
- वेक्टर एक माध्यम या वाहक होता है, जो उपचार के लिए आवश्यक जीन को लक्षित कोशिकाओं तक पहुँचाता है।
