“भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल” (BMI पूल) का उद्देश्य निरंतर समुद्री-बीमा कवरेज की सुविधा प्रदान करना और भारत के समुद्री व्यापार को वैश्विक अस्थिरता से सुरक्षित रखना है।
भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल क्या है?
- यह सरकार द्वारा समर्थित समुद्री-बीमा पूल है जिसकी क्षमता 1.5 बिलियन डॉलर है तथा इसे ₹12,980 करोड़ (1.4 बिलियन डॉलर) की संप्रभु गारंटी प्राप्त है।
- संबंधित मंत्रालय/विभाग: केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग।
- कवरेज (बीमा सुरक्षा): इसमें प्रमुख समुद्री जोखिमों; जैसे कि हल एंड मशीनरी, कार्गो, प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी (P&I) और युद्ध संबंधी जोखिम शामिल हैं। यह कवरेज निम्नलिखित के लिए है:
- भारतीय ध्वज वाले या भारतीय नियंत्रण वाले पोत के लिए।
- भारत आने वाले या भारत से रवाना होने वाले पोत के लिए।
- गवर्नेंस:
- पूल प्रशासक: जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC Re)
- पूल के कार्यों और जोखिम प्रबंधन की देखरेख के लिए क्रमशः एक शासी निकाय और एक अंडर राइटिंग कमेटी गठित की गई हैं।
- BMI पूल कैसे कार्य करता है?
- घरेलू बीमा कंपनियां पूल के सदस्यों की संयुक्त क्षमता का उपयोग करके पॉलिसी जारी करती हैं।
- पूल की संयुक्त अंडरराइटिंग क्षमता लगभग 950 करोड़ रुपये है।
- क्लेम का निपटान:
- 100 मिलियन डॉलर तक के दावों का भुगतान पूल की अपनी क्षमता से किया जाएगा।
- 100 मिलियन डॉलर से अधिक के दावों की स्थिति में अंतिम सुरक्षा उपाय (last resort) के रूप में संप्रभु गारंटी सक्रिय होगी।
- घरेलू बीमा कंपनियां पूल के सदस्यों की संयुक्त क्षमता का उपयोग करके पॉलिसी जारी करती हैं।
BMI पूल की आवश्यकता क्यों है?
- भू-राजनीतिक अस्थिरता का समाधान: बढ़ती वैश्विक अस्थिरता और मध्य-पूर्व के तनावों ने समुद्री परिवहन के जोखिमों को काफी बढ़ा दिया है।
- उदाहरण के लिए: लाल सागर, होर्मुज जलसंधि आदि में व्यवधानों ने बीमा प्रीमियम को बढ़ा दिया है।
- प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करना: देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंध अचानक विदेशी पुनर्बीमा/ बीमा सहायता को रोक सकते हैं, जिससे शिपिंग संचालन और व्यापार बाधित हो सकते हैं।
- अन्य कारण:
- अंडरराइटिंग और क्लेम के निपटान में देश में विशेषज्ञता प्राप्त करना;
- विदेशी बीमाकर्ताओं पर निर्भरता को कम करके विदेशी मुद्रा के बाहर जाने को कम करना;
- भारत के लिए सामुद्रिक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और वित्तीय संप्रभुता प्राप्त करना तथा व्यापार सुरक्षा को बढ़ाना।
भारतीय शिपिंग उद्योग
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