इस तरह के संचार में सेलुलर-V2X (C-V2X) को प्राथमिक प्रौद्योगिकी माना गया है, जो वर्तमान 4G और 5G नेटवर्क का उपयोग करती है।
- व्हीकल-टू-एवरीथिंग (V2X) संचार दो मुख्य वायरलेस प्रौद्योगिकियों पर निर्भर करता है:
- डेडिकेटेड शॉर्ट-रेंज कम्युनिकेशन (DSRC): वाई-फाई (Wi-Fi) का उपयोग करता है, और
- C-V2X: यह एक अधिक व्यापक मानक है। यह सेलुलर यानी मोबाइल नेटवर्क पर आधारित है।
V2X संचार के बारे में

- V2X एक ऐसी संचार प्रणाली है जिसमें वाहन (गाड़ी) अपने आसपास के अन्य वाहनों, अवसंरचनाओं, पैदल चलने वालों और नेटवर्क के साथ रीयल-टाइम जानकारी (जैसे-अवस्थिति और गति) का आदान-प्रदान करता है। यह संचार शॉर्ट-रेंज या प्रत्यक्ष कनेक्शन के जरिए होता है।
- यह इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS) और कनेक्टेड मोबिलिटी का एक मुख्य घटक है।
V2X का महत्व
- सड़क सुरक्षा की दृष्टि से: V2X प्रौद्योगिकी गाड़ियों के बीच जानकारी साझा करके दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करती है। यह टक्कर से बचाव, सड़क चौराहों का बेहतर प्रबंधन और आपातकालीन सेवा वाले वाहनों के लिए चेतावनी प्रणाली जैसी सुविधाएं प्रदान करती है। इससे दुर्घटनाएं और उनसे होने वाली मौतें कम होती हैं।
- ध्यातव्य है कि सतत विकास लक्ष्य (SDG) 3.6 के तहत 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में घायलों और मौतों की संख्या को आधा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- उदाहरण के लिए: संयुक्त राज्य अमेरिका में फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग सिस्टम ने एक वाहन द्वारा दूसरे वाहन को पीछे से टक्कर मारने की दर में 9% की कमी दर्शाई।
- ध्यातव्य है कि सतत विकास लक्ष्य (SDG) 3.6 के तहत 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में घायलों और मौतों की संख्या को आधा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- यातायात का बेहतर प्रबंधन: V2X तकनीक ट्रैफिक सिग्नल्स को स्मार्ट तरीके से समन्वित करके यातायात संचालन को सुचारु बनाती है और सड़क पर जाम को कम करती है।
- स्वचालित (ऑटोनोमस) वाहन सहायता: स्वचालित यानी ड्राइवर-रहित गाड़ियों को बाहरी डेटा प्रदान करके बेहतर निर्णय लेने में मदद करती है।
- पर्यावरण अनुकूल: यह तकनीक ईंधन की खपत और उत्सर्जन को कम करती है। इस प्रकार संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में योगदान देती है।
- 5G और स्मार्ट सिटी एकीकरण: V2X तकनीक 5G नेटवर्क के साथ मिलकर तेज़ और कम देरी वाला संचार संभव बनाती है। इससे स्मार्ट शहरों में जुड़ी हुई और बेहतर शहरी परिवहन व्यवस्था विकसित होती है।
व्हीकल-टू-एवरीथिंग (V2X) अपनाने की चुनौतियां
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