कण भौतिकी का मानक मॉडल | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

नए अध्ययन में पाया गया है कि कण भौतिकी का मानक मॉडल (Standard Model of Particle Physics) अभी भी सटीक बना हुआ है, और इसमें कोई विसंगति नहीं है।

  • सैद्धांतिक गणनाओं में सुधार के कारण म्यूऑन (इलेक्ट्रॉन जैसा लेकिन भारी उप-परमाण्विक कण) से जुड़ी “विसंगति” को समझा लिया गया है, जो पहले स्टैंडर्ड मॉडल यानी मानक मॉडल को चुनौती दे रही थी।
विवरण: मानक मॉडल में पदार्थ के कण (क्वार्क और लेप्टॉन), बल संचारित करने वाले कण (बोसॉन) और हिग्स बोसॉन शामिल हैं।

कण भौतिकी के मानक मॉडल के बारे में

  • पदार्थ के मूल निर्माण खंड: मानक मॉडल सभी दृश्यमान पदार्थों को क्वार्क (जो प्रोटॉन और न्यूट्रॉन बनाते हैं) और लेप्टॉन (जैसे इलेक्ट्रॉन) का उपयोग करके वर्गीकृत करता है।
  • मूल बल (Fundamental Forces): यह वर्णन करता है कि प्रकृति के तीन बल उप-परमाण्विक व्यवहार को कैसे नियंत्रित करते हैं।
  • बल-वहन करने वाले कण: स्टैंडर्ड मॉडल के अनुसार कणों के बीच होने वाली पारस्परिक क्रियाएं बोसॉन नामक कणों के जरिए समझाई जाती हैं, जो बल को वहन करते हैं। उदाहरण के लिए; फोटॉन (विद्युत-चुंबकीय बल)W और Z बोसॉन (कमजोर नाभिकीय बल)ग्लूऑन (प्रबल नाभिकीय बल)। ये सभी कण बलों को एक कण से दूसरे कण तक पहुंचाने का काम करते हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने '10वें राष्ट्रीय नवाचार और समावेशन शिखर सम्मेलन' में स्वास्थ्य-देखभाल के क्षेत्र में कई पहलों की शुरुआत की।

शुरू की गई नई पहलें

  • स्वस्थ भारत पोर्टल: यह वन-स्टॉप एकीकृत मंच है। इसे कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को एक ही डिजिटल इंटरफेस पर लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
    • यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के अनुरूप है और आभा (ABHA - आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) के साथ एकीकृत होता है।
  • जननी पोर्टल (JANANI: जर्नी ऑफ़ एंटीनेटल, नेटल एंड नियोनेटल इंटीग्रेटेड केयर): यह प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य (RMNCH) डेटा को ट्रैक करता है और देखभाल की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए जीवन-चक्र दृष्टिकोण (lifecycle approach) को अपनाता है।
  • राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) 2.0 तथा बच्चों एवं किशोरों में मधुमेह पर मार्गदर्शन दस्तावेज़: ये बच्चों में नई बीमारियों और गैर-संचारी रोगों सहित बाल स्वास्थ्य-देखभाल की बदलती जरूरतों का समाधान करने वाले अद्यतन दिशा-निर्देश 2013 में हैं।

कोलंबिया के सांता मार्टा में कोलंबिया और नीदरलैंड ने संयुक्त रूप से 'ट्रांज़िशनिंग अवे फ्रॉम फॉसिल्स फ्यूल्स’ पर पहले सम्मेलन का आयोजन किया।

सम्मेलन के मुख्य निष्कर्ष:

  • संस्थागत निरंतरता: भागीदार देश 2027 में दूसरा सम्मेलन आयोजित करने पर सहमत हुए। इसकी सह-मेजबानी तुवालु और आयरलैंड करेंगे।
  • नया समन्वय ढांचा: यह स्वच्छ ईंधन अपनाने के विभिन्न पहलुओं पर कार्य कर रहे हितधारकों  को एक साथ लाएगा, और साथ ही इसे UNFCCC-COP30 की प्रक्रियाओं से जोड़ेगा।
  • नई कार्य-योजनाएं: ट्रांजीशन रोडमैप, वित्तपोषण सुधारों, और उत्पादक-उपभोक्ता समन्वय पर तीन ट्रैक शुरू किए गए।
  • वैश्विक जलवायु प्रक्रियाओं के साथ एकीकरण: इस सम्मेलन के निष्कर्ष COP30 प्रेसीडेंसी रोडमैप में शामिल किए जाएंगे, और पेरिस समझौते के तहत दूसरे 'ग्लोबल स्टॉकटेक' में अपना योगदान देंगे।
  • वैश्विक ऊर्जा रूपांतरण के लिए विज्ञान पैनल (Science Panel for the Global Energy Transition): वैश्विक तापवृद्धि को 1.5°C तक सीमित रखने के लक्ष्य के अनुरूप साक्ष्य-आधारित उपायों के आधार पर देशों का मार्गदर्शन करने के लिए इसे शुरू किया गया है।

बरखा सुब्बा और परवीन शेख ने हिमालयन सैलामैंडर और इंडियन स्किमर के पर्यावासों की रक्षा करने के लिए व्हिटली पुरस्कार प्राप्त किए।

व्हिटली पुरस्कार के बारे में

  • यह यूनाइटेड किंगडम स्थित एक प्रकृति संरक्षण चैरिटी, 'व्हिटली फंड फॉर नेचर' द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • उद्देश्य: इसका उद्देश्य वन्यजीवों और पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करने में संरक्षणवादियों को प्रोत्साहन प्रदान करना है।
  • मान्यता: इसे ग्रीन ऑस्कर के रूप में भी जाना जाता है। यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष प्रदान किया जाता है।

हिमालयन सैलामैंडर के बारे में

  • यह पूर्वी हिमालय में पाया जाने वाला एक दुर्लभ और अर्ध-जलीय उभयचर (semi-aquatic amphibian) है।
    • यह भारत, नेपाल और भूटान की स्थानिक (Endemic) प्रजाति है, तथा म्यांमार, थाईलैंड आदि में भी पाई जाती है।
  • इसे IUCN द्वारा 'वल्नरेबल के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
  • सैलामैंडर प्रजनन करने और अंडे देने के लिए अपने जन्मस्थान पर लौट आते हैं। इस प्रक्रिया को ‘फिलोपैट्री’ के रूप में जाना जाता है।

इंडियन स्किमर के बारे में

  • यह उन तीन पक्षी प्रजातियों में से एक है जो स्किमर जीनस (वंश) 'रिनचॉप्स' (Rynchops) से संबंधित हैं।
  • इसे IUCN द्वारा एंडेंजर्ड के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
  • भारत इस प्रजाति की 90% से अधिक वैश्विक समष्टि (आबादी) का पर्यावास है, विशेष रूप से चंबल नदी में।
  • अपनी चमकीली नारंगी चोंच के लिए विख्यात, यह पक्षी मछली पकड़ने के लिए नदियों की सतह से कुछ इंच ऊपर उड़ते हैं। 
    • यह पक्षी आमतौर पर रेतीले टीलों और नदी के बीच बनने वाले द्वीपों पर घोंसला बनाता है, जो मौसमी रूप से  बनते और खत्म होते रहते हैं।

तमिलनाडु में नीलगिरि के जंगलों में लगी आग पर काबू पा लिया गया।

नीलगिरि पहाड़ियों के बारे में

  • नीलगिरि भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है।
  • इन्हें ब्लू माउंटेन के नाम से भी जाना जाता है। इसका यह नाम एक निश्चित समय अंतराल के बाद कुरिंजी के फूलों के खिलने के मौसम के कारण पड़ा है।
  • यह तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के त्रि-जंक्शन (मिलन बिंदु) पर स्थित है। यह पश्चिमी घाट का हिस्सा है।
  • इस पर स्थित प्रमुख हिल स्टेशनों में ऊटी, कुन्नूर और कोटागिरी शामिल हैं।
  • विविधता: इनमें उष्णकटिबंधीय सदाबहारअर्ध-सदाबहारआर्द्र और शुष्क पर्णपाती वनपर्वतीय शोला और घास के मैदान शामिल हैं।
  • प्राप्त प्रमुख जीव: शेर, पूंछ मकाक (Lion-tailed macaque), नीलगिरि तहर, बाघ, हाथी और गौर।
  • नीलगिरी जैवमंडल रिजर्व: यह भारत का पहला जैवमंडल रिज़र्व है; यह यूनेस्को (UNESCO) के 'मैन एंड द बायोस्फीयर प्रोग्राम' का हिस्सा है।

प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा का उपयोग भारत के पहले ग्रीन मेथनॉल उत्पादन संयंत्र के लिए कच्चे माल के रूप में किया जाएगा। इससे समुद्र में चलने वाले जहाजों को ईंधन मिलेगा।

प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा के बारे में

  • यह सूखे और लवणता (खारेपन) सहिष्णु  फलीदार पादप है। यह विश्व की सबसे प्रमुख आक्रामक प्रजातियों में से एक है।
  • यह मैक्सिको की देशज प्रजाति है। इसे सबसे पहले 1920 के दशक में अंग्रेजों द्वारा दिल्ली को 'हरा-भरा' करने के लिए लाया गया था। बाद में 1961 में गुजरात वन विभाग ने भी इसका उपयोग शुरू किया।
  • पारिस्थितिकी पर प्रभाव:
    • यह गहरी जड़ों वाला (फ्रीटोफाइट/अधोभौमजल) पादप है, जो भूमिगत जल स्तर के नीचे के क्षेत्र से पानी खींचता है। इससे जल संसाधनों पर दबाव बढ़ता है और हाइड्रोलॉजिकल सूखा (जल की कमी) और अधिक गंभीर हो सकता है।
    • यह देशज पौधों की विविधता को कम करता है, जिससे पादप विविधता के लिए एक गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।
  • IUCN लाल सूची स्थिति: लिस्ट कंसर्न।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के लिए एक मिशन-मोड, क्षेत्रक-व्यापी, अखिल भारतीय क्षमता-निर्माण प्रशिक्षण पहल, मिशन सक्षम (Mission SAKSHAM) की शुरुआत की है।

  • UCBs सहकारी बैंकों का एक उपसमूह हैं जो मुख्य रूप से शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में कार्य करते हैं।

मिशन सक्षम के बारे में

  • इसका उद्देश्य UCBs के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षण कार्यक्रम (व्यक्तिगत रूप से और ई-लर्निंग पाठ्यक्रम) आयोजित करना है।
  • इसमें बोर्ड के सदस्यों; वरिष्ठ प्रबंधन’ जोखिम, अनुपालन और ऑडिट कार्यों के प्रमुखों; तथा IT कार्यों व अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों सहित विभिन्न लक्षित समूहों को शामिल किया गया है।
  • इसे UCBs के अम्ब्रेला संगठन और राष्ट्रीय / राज्य सहकारी संघों के परामर्श से तैयार किया गया है।

केंद्र सरकार ने डीजल और जेट फ्यूल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कमी की है। यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण प्रभावित हो रहे हैं।

विंडफॉल टैक्स के बारे में

  • यह सरकार द्वारा लगाया जाने वाला ऐसा कर  है, जो कंपनियों या व्यक्तियों को अचानक और असाधारण रूप से हुए मुनाफे  पर लगाया जाता है। 
  • यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब भू-राजनीतिक तनाव  या कमोडिटी की कीमतों में तेज वृद्धि जैसी वैश्विक घटनाएं कुछ क्षेत्रकों (जैसे तेल और गैस) को अप्रत्याशित लाभ दिलाती हैं।
  • उद्देश्य: इसका उद्देश्य सार्वजनिक परियोजनाओं के वित्तपोषण, घाटे को कम करने, या धन के पुनर्वितरण के लिए इन अप्रत्याशित लाभों के एक हिस्से को प्राप्त करना होता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वैश्विक हेपेटाइटिस रिपोर्ट, 2026 जारी की।

  • इस रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर हेपेटाइटिस से होने वाली मौतों, विशेष रूप से हेपेटाइटिस B और C से होने वाली मौतों के मामले में, भारत शीर्ष देशों में शामिल है।

हेपेटाइटिस के बारे में

  • यह यकृत की सूजन है, जो मुख्य रूप से हेपेटाइटिस वायरस के कारण होती है। हालांकि, अन्य प्रकार के संक्रमण, मादक पदार्थों (जैसे- शराब, कुछ दवाएं) के सेवन, और ऑटोइम्यून बीमारियां भी इसका कारण बन सकती हैं।
  • 5 मुख्य हेपेटाइटिस वायरस: टाइप A, B, C, D और E हैं।
    • टाइप B और C दीर्घकालिक बीमारी (chronic disease) का कारण बनते हैं और लिवर सिरोसिस तथा कैंसर का सबसे आम कारण हैं।
    • हेपेटाइटिस A और E आमतौर पर संक्रमित भोजन/पानी के सेवन के कारण होते हैं।
    • हेपेटाइटिस B, C और D आमतौर पर संक्रमित शरीर के तरल पदार्थों (body fluids) के पैरेंट्रल संपर्क (जैसे खून के जरिए, इंजेक्शन, ट्रांसफ्यूजन) से फैलते हैं।

केंद्रीय खान मंत्रालय ने महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना (Incentive Scheme for Promotion of Critical Mineral Recycling: IS-PCMR) के तहत 58 कंपनियों को पात्र भागीदार के रूप में मंजूरी दी है।

IS-PCMR के बारे में

  • इस योजना को अक्टूबर 2025 में अधिसूचित किया गया था। यह राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन (NCMM) का एक भाग है।
  • संबंधित मंत्रालय: केंद्रीय खान मंत्रालय
  • उद्देश्य: इसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता को कम करते हुए महत्वपूर्ण खनिजों के लिए घरेलू पुनर्चक्रण क्षमता विकसित करना, और स्वच्छ ऊर्जा एवं उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों को सहायता प्रदान करना है।
  • योजनावधि: 6 वर्ष (वित्तीय वर्ष 2025-26 से वित्तीय वर्ष 2030-31 तक)।
  • वित्तीय परिव्यय: ₹1,500 करोड़।
  • पात्र अपशिष्ट: ई-अपशिष्ट, लिथियम आयन बैटरी (LIB) स्क्रैप, तथा ई-अपशिष्ट व LIB स्क्रैप के अलावा अन्य स्क्रैप (जैसे- पुराने हो चुके वाहनों में इस्तेमाल होने वाले कैटेलिटिक कन्वर्टर्स)।
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

Gluon

The elementary particle that acts as the force carrier for the strong nuclear force, binding quarks together to form protons and neutrons.

Photon

The elementary particle that is the quantum of the electromagnetic field, mediating the electromagnetic force. It is massless and travels at the speed of light.

Boson

A type of elementary particle that mediates fundamental forces. Examples include photons (electromagnetic force), W and Z bosons (weak nuclear force), and gluons (strong nuclear force).

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet