विकेंद्रीकृत जैव-ऊर्जा (बायोएनर्जी) प्रणालियों के माध्यम से देश में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

In Summary

  • विकेंद्रीकृत जैव ऊर्जा प्रणालियाँ स्थानीय स्तर पर जैविक कचरे और फसल अवशेषों से गर्मी, बिजली या बायोगैस का उत्पादन करती हैं, जिससे ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला संबंधी समस्याओं का समाधान होता है।
  • प्रमुख प्रौद्योगिकियों में शुष्क अवशेषों के लिए बायोमास गैसीकरण और गीले कचरे के लिए अवायवीय पाचन यंत्र शामिल हैं, जो अपशिष्ट प्रबंधन और ऊर्जा सुरक्षा के लिए समाधान प्रदान करते हैं।
  • राष्ट्रीय जैव ऊर्जा कार्यक्रम, SATAT और गोबार-धन योजना जैसी पहलें पूरे भारत में जैव ऊर्जा उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देती हैं।

In Summary

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं की अनिश्चितता और भारत में ईंधन की बढ़ती कीमतों के समाधान के रूप में विकेंद्रीकृत जैव ऊर्जा प्रणालियाँ एक बेहतर विकल्प प्रस्तुत करती हैं।

विकेंद्रीकृत जैव ऊर्जा प्रणालियों के बारे में

  • इसका आशय जैविक अपशिष्ट और फसल अवशेषों से स्थानीय स्तर पर विद्युत, ऊष्मा या बायोगैस का उत्पादन और खपत से है।
  • शामिल प्रमुख प्रौद्योगिकियां:
    • बायोमास गैसीकरण: इस प्रक्रिया में शुष्क कृषि अवशेषों (जैसे भूसा, डंठल आदि) को जलने वाली (दहनशील) गैस में बदला जाता है। फिर इसका उपयोग छोटे इंजन चलाने या उद्योगों में ऊष्मा (हीट) उत्पन्न करने के लिए किया जाता है।
    • बायोगैस और एनारोबिक डाइजेशन: यह गीले अपशिष्टों (जैसे भोजन के बचे हुए टुकड़े, पशुओं के गोबर) को खाना पकाने और विद्युत उत्पन्न करने वाली बायोगैस में बदलता है।
  • महत्व:
    • अपशिष्ट प्रबंधन: जैव ऊर्जा प्रणालियां शहरी ठोस अपशिष्ट और खेतों के अवशेषों को मूल्यवान संसाधनों में बदलती हैं।
    • ऊर्जा सुरक्षा: जैव-ऊर्जा प्रणालियां दूरदराज और अविकसित क्षेत्रों में ऑफ-ग्रिड तथा माइक्रो-ग्रिड के माध्यम से बिजली और ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद करती हैं।
    • आर्थिक विकास: ये प्रणालियां स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देती हैं तथा लघु पैमाने पर कृषि कार्य व MSME के संचालन में योगदान देती हैं।

जैव ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु प्रमुख पहलें

  • राष्ट्रीय जैव ऊर्जा कार्यक्रम (NBP): इसमें 'अपशिष्ट से ऊर्जा', बायोमास और बायोगैस कार्यक्रम शामिल हैं।
  • राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति 2018 (2022 में संशोधित): इसके तहत 2025-26 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल सम्मिश्रण का लक्ष्य रखा गया है।
  • सतत/SATAT योजना: SATAT से आशय हैवहनीय परिवहन की दिशा में सतत विकल्प। इसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट/बायोमास स्रोतों से संपीडित बायोगैस (CBG) के उत्पादन के लिए एक प्रणाली स्थापित करना है।
  • गोबर्धन/GOBAR-Dhan योजना (गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज): यह योजना गोबर और कृषि अवशेष जैसे जैविक अपशिष्टों को धन (संपदा) और ऊर्जा में बदलने का कार्य करती है।
  • प्रधानमंत्री जी-वन योजना (Pradhan Mantri JI-VAN Yojana): यह अत्याधुनिक जैव ईंधन परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। 

 

Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

संपीडित बायोगैस (CBG)

यह जैविक कचरे को एनारोबिक पाचन (ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में) के माध्यम से संसाधित करके उत्पादित बायोगैस का एक परिष्कृत रूप है। इसे पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के समान माना जा सकता है।

प्रधानमंत्री जी-वन योजना

यह योजना अत्याधुनिक जैव ईंधन परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसका उद्देश्य जैव ईंधन के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देना है।

गोबर्धन/GOBAR-Dhan योजना

गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज (Galvanizing Organic Bio-Agro Resources) का संक्षिप्त रूप। यह योजना गोबर और कृषि अवशेष जैसे जैविक अपशिष्टों को संपदा और ऊर्जा में बदलने पर केंद्रित है।

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet