साइबर अपराध प्रतिक्रिया को मजबूत करना
गृह मंत्रालय (MHA) ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की साइबर वित्तीय अपराध रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली (CFCFRMS) के माध्यम से साइबर वित्तीय अपराधों के प्रति प्रतिक्रिया को बढ़ाने के लिए एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को मंजूरी दे दी है।
मानक संचालन प्रक्रिया की मुख्य विशेषताएं
- छोटे-मोटे धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित धनवापसी:
- 50,000 रुपये से कम की रकम से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में अदालत के आदेश के बिना भी तुरंत धन वापसी की जा सकती है।
- यदि कोई अदालती या बहाली का आदेश मौजूद नहीं है, तो बैंकों को 90 दिनों के भीतर ऐसी राशियों पर लगी रोक हटानी होगी।
- वित्तीय मध्यस्थों के लिए एकसमान प्रक्रिया:
- बैंकों, भुगतान एग्रीगेटरों, गैर-वित्तीय वित्तीय संस्थानों (NBFC), ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और अन्य को साइबर अपराध की शिकायतों से निपटने के लिए एक मानकीकृत प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
- शिकायत निवारण तंत्र:
- शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए इसमें तीन स्तरीय प्रक्रिया संरचना शामिल है।
उपलब्धियां और डेटा
- 2021 में लॉन्च होने के बाद से, CFCFRMS ने वित्तीय धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग को सक्षम बनाया है, जिससे पिछले वर्ष अक्टूबर तक 23.02 लाख शिकायतों के माध्यम से 7,130 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है।
प्रभाव और कार्यान्वयन
इस मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) से भारत में डिजिटल भुगतान के प्रति जनता का विश्वास बढ़ने और राष्ट्रीय साइबर वित्तीय सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है। दो डिजिटल मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे:
- शिकायत निवारण मॉड्यूल: शिकायतों के त्वरित समाधान को सुनिश्चित करने के लिए।
- धन पुनर्स्थापन मॉड्यूल: धोखाधड़ी से प्राप्त राशि की शीघ्र वापसी को सुगम बनाने के लिए।