काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना
18 जनवरी, 2026 को प्रधानमंत्री ने असम में काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखी। 6,957 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य पारिस्थितिक संरक्षण और परिवहन अवसंरचना को बढ़ावा देना है।
परियोजना विवरण
- यह कॉरिडोर NH-715 के कालियाबोर-नुमालीगढ़ खंड की चार लेन वाली परियोजना का हिस्सा है।
- इसमें लगभग 34.45 किलोमीटर लंबे वन्यजीव-अनुकूल उच्च-स्तरीय गलियारे शामिल हैं।
- जाखलाबांधा और बोकाखाट में बाइपास की योजना है।
उद्देश्य
- वन्यजीव संरक्षण: काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभ्यारण्य में वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना।
- सड़क सुरक्षा: राष्ट्रीय राजमार्ग-715 पर सड़क दुर्घटनाओं को कम करना।
- आर्थिक विकास: पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करना।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का महत्व
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान अपनी जैव विविधता के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है, विशेष रूप से दुनिया में एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी के साथ-साथ बाघों, हाथियों, जंगली जल भैंसों और दलदली हिरणों की पर्याप्त आबादी के लिए।
अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें
प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल माध्यम से दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया।
ट्रेन मार्ग
- डिब्रूगढ़-गोमती नगर (लखनऊ)
- कामाख्या-रोहतक
फ़ायदे
- संपर्क: असम और पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे विभिन्न राज्यों के बीच लंबी दूरी की रेल संपर्क व्यवस्था में सुधार करना।
- कार्यकुशलता: यात्रा का समय कम करना और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना।