प्रधान मंत्री ने यह टिप्पणी काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखने और असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (KNP) के दौरे के दौरान की है।
- असम में स्थित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान ब्रह्मपुत्र घाटी के बाढ़ के मैदान में सबसे बड़ा मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त और प्रतिनिधि क्षेत्र है, जो अपने एक सींग वाले गैंडों के लिए विख्यात है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र (NER) का महत्त्व

- प्राकृतिक और भू-सामरिक सीमा: यह क्षेत्र पूर्वी हिमालय या अरुणाचल हिमालय, दक्षिण-पूर्वी पहाड़ियों (पटकाई, नागा, आदि) जैसी प्राकृतिक सीमाओं से घिरा हुआ है। साथ ही चीन, म्यांमार, भूटान, नेपाल और बांग्लादेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं साझा करता है।
- सिलीगुड़ी का 'चिकन नेक' इस क्षेत्र को शेष भारत से जोड़ता है, जो एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामरिक स्थल है। चिकन नेक दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है।
- प्राकृतिक संसाधनों का समृद्ध भंडार: कृषि-बागवानी एवं वन संसाधन, जलविद्युत क्षमता, तेल व प्राकृतिक गैस आदि की प्रचुरता इस क्षेत्र को औद्योगिक विकास और विस्तार के लिए अनुकूल बनाती है।
- राजनयिक क्षमता: यह क्षेत्र भारत की 'एक्ट ईस्ट' और 'नेबरहुड फर्स्ट' जैसी प्रमुख नीतियों को आगे बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही, भारत की हिंद-प्रशांत नीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए प्रमुख पहलें
- शांति और सुरक्षा: बोडो शांति समझौता (2020); कार्बी-आंगलोंग शांति समझौता (2021); असम-मेघालय सीमा समझौता (2022) आदि।
- अवसंरचना और आर्थिक विकास: उत्तर पूर्व ट्रांसफॉर्मेटिव इंडस्ट्रिइलाइजेशन स्कीम (UNNATI-2024); पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए प्रधान मंत्री विकास पहल (PM-DevINE) आदि।
- कृषि और खेती: पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए ऑर्गेनिक मूल्य श्रृंखला विकास मिशन आदि।
- सामाजिक-सांस्कृतिक विकास: नीति आयोग द्वारा पूर्वोत्तर जिला SDG सूचकांक; असम के 'मोइदम' को यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल करना आदि।