मानव विज्ञान के उपयोग और श्रम बाजार पर इसके प्रभावों पर एंथ्रोपिक के अध्ययन
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में एक प्रमुख कंपनी, एंथ्रोपिक ने हाल ही में दो महत्वपूर्ण अध्ययन जारी किए हैं जो श्रम बाजार पर बड़े भाषा मॉडल (LLM) की वर्तमान स्थिति और प्रभाव का पता लगाते हैं।
मुख्य निष्कर्ष
- LLM के उपयोग के पैटर्न:
- LLM का उपयोग मुख्य रूप से उच्च आय वाले देशों में विशिष्ट कार्यों के लिए किया जाता है।
- उपयोग के मामलों में विविधता देखी गई है, जिसके परिणामस्वरूप इन मॉडलों का उपयोग करके किए गए कार्य के औसत आर्थिक मूल्य में थोड़ी गिरावट आई है।
- शुरुआती उपयोगकर्ता कोडिंग जैसे उच्च-मूल्य वाले कार्यों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि बाद के उपयोगकर्ता व्यक्तिगत प्रश्नों सहित गतिविधियों की एक व्यापक श्रेणी के लिए LLM का उपयोग करते हैं।
- शीर्ष 20 देशों में प्रति व्यक्ति AI उपकरणों के उपयोग का 48% हिस्सा है।
- श्रम बाजार पर प्रभाव:
- विश्व स्तर पर AI उपकरणों को अपनाने की दर असमान है, जिससे श्रम बाजार में असमानताएं और बढ़ सकती हैं।
- कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, ग्राहक सेवा और वित्तीय विश्लेषण जैसे व्यवसाय AI से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, और LLM (लॉन्ग लॉ डिग्री धारक) इनमें से कई कार्यों को करने में सक्षम होते हैं।
- क्षमता होने के बावजूद, AI द्वारा स्वचालित किए जा सकने वाले कार्यों का केवल एक छोटा सा हिस्सा ही वर्तमान में व्यवहार में साकार हो रहा है।
- बेरोजगारी में कोई व्यवस्थित वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया धीमी हो गई है, खासकर जोखिमग्रस्त क्षेत्रों में शुरुआती स्तर के पदों के लिए।
भारत की स्थिति
- भारत में AI का उपयोग:
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों को अपनाने के मामले में भारत 116 देशों में से 98वें स्थान पर है।
- भारतीय उपयोगकर्ता मुख्य रूप से कोडिंग, डिजाइन कार्य, शैक्षणिक सहायता और सॉफ्टवेयर विकास के लिए AI का उपयोग कर रहे हैं।
- चुनौतियाँ और अवसर:
- IT सेवाओं और बैक-ऑफिस संचालन जैसे क्षेत्रक, जिनमें भारतीय श्रमिकों की बहुलता है, AI-संचालित स्वचालन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं।
- IT शेयरों पर दबाव से यह आशंका जताई जा रही है कि AI उपकरणों द्वारा मानवीय कार्यों की जगह लेने के कारण राजस्व में कमी आएगी।
भविष्य की दिशाएं
- कौशल उन्नयन की आवश्यकता:
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव को कम करने के लिए, कोडिंग, समस्या-समाधान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ सहयोग करने के कौशल में बड़े पैमाने पर कौशल विकास की तत्काल आवश्यकता है।
- शिक्षा प्रणालियों को AI और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए तेजी से अनुकूलन करना होगा।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा AI से संबंधित विषयों की शुरुआत सही दिशा में एक कदम है।