वाहन निर्माता कंपनियां रेअर अर्थ मैग्नेट की कमी के कारण गाड़ियों में कुछ फ़ीचर्स कम कर रही हैं और दूसरे विकल्प तलाश रही हैं।
रेअर अर्थ मैग्नेट के बारे में
- ये एक तरह के स्थायी चुंबक होते हैं जो दुर्लभ मृदा तत्वों (Rare earth elements: REE) के मिश्र धातुओं से बने होते हैं।
- दुर्लभ मृदा तत्व कुल सत्रह (17) तत्वों का एक समूह है।
- विशेषताएं: इनमें ज्यादा घनत्व, उच्च चालकता, असाधारण चुंबकीय शक्ति और उच्च ऊर्जा घनत्व होता है।
- मैग्नेट के प्रकार: ये मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं: नियोडिमियम (NdFeB) और सैमरियम-कोबाल्ट (SmCo)।
- उपयोग: इनके कारण छोटे तथा शक्तिशाली मैग्नेट बनाना संभव हुआ है। इनका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य देखभाल और ऑटोमोबाइल उद्योगों में होता है।
एक नए अध्ययन के अनुसार IgM एंटीबॉडी हानिकारक प्रोटीन्स को यांत्रिक रूप से स्थिर करने का कार्य भी कर सकते हैं।
IgM एंटीबॉडी के बारे में
- यह सबसे बड़ा और पहला एंटीबॉडी है जिसे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली तब बनाती है जब वह वायरस, बैक्टीरिया, परजीवी या अन्य हानिकारक रोगजनकों से लड़ रही होती है।
- एंटीबॉडी प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा बनाए गए सुरक्षात्मक प्रोटीन्स होती हैं।
- यह वह पहला एंटीबॉडी भी है जिसे प्रतिरक्षा प्रणाली भ्रूण के रूप में विकसित करना शुरू करती है।
- यह रक्त और लसीका (लिम्फ) में पाया जाता है।
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1 sourceइसे भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा जारी किया जाता है।
- ये पूरे देश के लिए एक ऐसा फ्रेमवर्क प्रदान करते हैं, ताकि पशुओं में रक्त चढ़ाने (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) की प्रक्रिया सुरक्षित, नैतिक और वैज्ञानिक आधार वाली हों।
- पूरी दुनिया में यह माना गया है कि रक्त चढ़ाना जीवन बचाने वाली प्रक्रिया है। यह खासकर निम्नलिखित स्थितियों में बहुत ज़रूरी है:
- दुर्घटना या घायल होने,
- गंभीर एनीमिया के रोगी,
- ऑपरेशन के दौरान खून की कमी,
- संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने,
- खून जमने की समस्या।
दिशा-निर्देश के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- यह रक्तदाता का चयन, रक्त संग्रह, स्टोरेज और रक्त चढ़ाने की प्रक्रिया के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नियम बनाता है।
- यह जूनोटिक रोगों (जानवरों से फैलने वाले रोगों) के खतरे को कम करने के लिए वन हेल्थ सिद्धांत को अपनाता है।
- यह राष्ट्रीय पशु चिकित्सा रक्त बैंक नेटवर्क को आधार प्रदान करता है।
- यह पशु चिकित्सा में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देता है।
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1 sourceभारत सरकार और विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने वैश्विक स्तर पर भोजन की कमी के संकट से निपटने के उद्देश्य से सहयोग की घोषणा की है।
संयुक्त राष्ट्र-विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के बारे में
- यह विश्व का सबसे बड़ा मानवीय संगठन है जो आपात स्थितियों में लोगों का जीवन बचाने तथा खाद्य सहायता के जरिए शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने का प्रयास करता है।
- यह आवश्यक खाद्य सहायता और तकनीकी सहायता प्रदान करके संघर्षों, आपदाओं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से उबरने में लोगों की सहायता करता है।
- WFP 120 से अधिक देशों में कार्य करता है जिनमें भारत भी शामिल है।
- WFP को वर्ष 2020 के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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1 sourceभारत ने दरियादिली दिखाते हुए जम्मू की तवी नदी में बाढ़ के खतरे को लेकर पाकिस्तान को पहले ही आगाह कर दिया।
- भारत ने बाढ़ की चेतावनी राजनयिक माध्यमों से दी है, न कि सिंधु जल आयोग के माध्यम से। गौरतलब है कि सिंधु जल संधि (IWT) के तहत इस तरह की चेतावनी देना अनिवार्य है।
- हालांकि भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद सिंधु जल संधि (IWT) को निलंबित कर दिया है।
तवी नदी के बारे में:
- उद्गम: इसका उद्गम डोडा जिले में भद्रवाह के निकट कैलाश कुंड ग्लेशियर (काली कुंड) से होता है ।
- सहायक नदी: यह चिनाब नदी में बायीं किनारे से मिलने वाली सहायक नदी है।
- महत्व: इसे जम्मू शहर की " जीवन रेखा" माना जाता है।
जम्मू और कश्मीर में हुए एक अध्ययन के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण सामान्य तेंदुए हिम तेंदुओं के पर्यावासों में घुस रहे हैं।
हिम तेंदुए के बारे में

- भारत में पर्यावास: ये मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में पाए जाते हैं।
- विशेषताएं: इनके शरीर पर गहरे रंग के धब्बों के साथ स्मोकी-ग्रे रंग का फर होता है। ये अकेले रहना पसंद करते हैं और सुबह तथा शाम के समय सबसे ज्यादा सक्रिय रहते हैं।
- बाघ और शेर जैसी अन्य बिग कैट्स प्रजातियों के विपरीत, ये दहाड़ नहीं सकते।
- राज्य पशु: यह हिमाचल प्रदेश और लद्दाख का राज्य पशु (स्टेट एनिमल) है।
- संरक्षण की स्थिति:
- IUCN रेड लिस्ट: वल्नरेबल के रूप में सूचीबद्ध,
- CITES: परिशिष्ट-1 में सूचीबद्ध,
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची I और IV में सूचीबद्ध।