राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) ने अपने गठन के 5 साल पूरे किए।
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के बारे में
- गठन: यह राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग अधिनियम, 2019 के तहत गठित एक सांविधिक संस्था है।
- NMC अधिसूचना के माध्यम से भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम, 1956 के तहत गठित भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (MCI) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को भंग कर दिया गया।
- उद्देश्य: गुणवत्तापूर्ण और वहनीय चिकित्सा शिक्षा तक पहुँच में सुधार करना।
- कार्य:
- चिकित्सा संस्थानों, चिकित्सा शोधकर्ताओं और चिकित्सा पेशेवरों को विनियमित करने के लिए नीतियों का निर्धारण करना।
- स्वायत्त बोर्डों के बीच समन्वय सुनिश्चित करना, आदि।
मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के कार्यकाल को मई 2026 तक बढ़ाने को मंज़ूरी दी है।
मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) के बारे में
- यह केंद्रीय कार्यपालिका की आठ मंत्रिमंडलीय समितियों में से एक है।
- संरचना: यह दो-सदस्यीय समिति है। इसके अध्यक्ष प्रधान मंत्री हैं, और केंद्रीय गृह मंत्री एकमात्र अन्य सदस्य के रूप में शामिल होते हैं।
- उत्तरदायित्व:
- सचिवों, अपर सचिवों और संयुक्त सचिवों जैसे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की नियुक्ति करना।
- सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों और सरकारी स्वायत्त संस्थाओं में शीर्ष पदों पर नियुक्तियों का निर्णय लेना।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने अपने ECINET पोर्टल और एप्लिकेशन पर नई ई-साइन सुविधा शुरू की है।
- कोई भी व्यक्ति जो मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने या मतदाता सूची से नाम हटवाने या अपने विवरण में सुधार करने के लिए आवेदन करना चाहता है, उसे अपने आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर से अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी।
ECINET के बारे में:
- ECINET, निर्वाचन आयोग का एकीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है। यह चुनाव संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाता है।
- यह मतदाता हेल्पलाइन ऐप, cVIGIL, सुविधा 2.0 जैसे 40 मौजूदा ऐप्स को एकीकृत करता है।
- इसे चुनाव-संबंधी सभी सेवाओं के लिए सिंगल पॉइंट इंटरफेस के रूप में डिजाइन किया गया है।
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत जनजातीय क्षेत्र का दर्जा देने की मांग को लेकर हाल में शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गया।
छठी अनुसूची के बारे में:
- संविधान के अनुच्छेद 244(2) और 275(1) के तहत असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के लिए प्रावधान किए गए हैं।
- यह राज्यपाल को उपर्युक्त चार राज्यों में स्वायत्त जिला परिषद (ADCs) और स्वायत्त क्षेत्रीय परिषद (ARCs) गठित करने का अधिकार प्रदान करती है।
- यदि किसी स्वायत्त जिले में अलग-अलग अनुसूचित जनजातियां हों, तो स्वायत्त क्षेत्रीय परिषदों का गठन किया जाता है।
- स्वायत्त जिला परिषदों और स्वायत्त क्षेत्रीय परिषदों को जमीन, जंगलों के प्रबंधन, संपत्ति के उत्तराधिकार, विवाह जैसे मामलों में विधायी, कार्यकारी, न्यायिक और वित्तीय शक्तियां दी गई हैं।
NPCI-इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड ने कतर नेशनल बैंक के साथ साझेदारी में कतर में क्यूआर कोड-आधारित UPI भुगतान शुरू किया है।
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के बारे में
- शुरुआत: इसे 2016 में लॉन्च किया गया। यह नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा विकसित तत्काल भुगतान प्रणाली है।
- NPCI का विनियमन RBI द्वारा किया जाता है।
- यह इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) व्यवस्था पर आधारित है।
- सुरक्षित और त्वरित भुगतान: यह सुरक्षित दो-चरणीय सत्यापन की सुविधा प्रदान करती है।
- अन्य देश जहाँ UPI-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यापारी भुगतान स्वीकार किए जाते हैं: भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात।
यह चीन द्वारा जारी नई वीजा श्रेणी है, जो 1 अक्टूबर से लागू होगी।
K वीजा नीति के बारे में:
- इसका उद्देश्य विशेष रूप से विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के उन विदेशी विशेषज्ञों को आकर्षित करना है, जो चीन द्वारा निर्धारित कुछ शर्तों और आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
- इसके तहत सभी विदेशी नागरिक चीन में प्रवेश कर सकते हैं, भले ही उनके पास निश्चित नौकरी नहीं भी है।
- यह चीन में एक से अधिक बार प्रवेश करने, दीर्घकालिक वैधता और लंबे समय तक प्रवास की अनुमति देता है।
- पात्र आवेदक: पात्र आवेदकों में STEM क्षेत्र के स्नातक शामिल हैं, जिन्होंने मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों या शोध संस्थानों से कम से कम स्नातक की डिग्री प्राप्त की है।
भारत के विदेश मंत्री ने फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड कोऑपरेशन के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की।
फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड कोऑपरेशन के बारे में
- स्थापना: इसकी स्थापना 2014 में हुई थी। यह प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों का बहुराष्ट्रीय समूह है। इसका गठन प्रशांत महासागर के 14 द्वीपीय देशों और भारत के बीच सहयोग के लिए हुआ है।
- इसकी स्थापना भारत की व्यापक "एक्ट ईस्ट" नीति के तहत हुई है।
- FIPIC के सदस्य: कुक आइलैंड्स, फिजी, किरिबाती, मार्शल आइलैंड्स, माइक्रोनेशिया, नाउरू, नीयू, समोआ, सोलोमन आइलैंड्स, पलाऊ, पापुआ न्यू गिनी, टोंगा, तुवालु और वानुअतु।
- ये द्वीप मेलनेशिया, माइक्रोनेशिया और पोलिनेशिया नामक तीन प्रमुख द्वीप-समूहों का हिस्सा हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मासिक बुलेटिन रिपोर्ट के अनुसार RBI ने जुलाई 2025 में स्पॉट फॉरेक्स मार्केट में निवल 2.54 बिलियन डॉलर की बिकवाली की।
स्पॉट मार्केट के बारे में:
- स्पॉट मार्केट वह बाजार है जहाँ कमोडिटी, करेंसी, प्रतिभूतियां जैसे वित्तीय उत्पादों की खरीद-बिक्री तत्काल या कुछ दिनों के भीतर डिलीवरी के लिए की जाती है।
- डिलीवरी का मतलब है वित्तीय उत्पाद के बदले नकदी का आदान-प्रदान।
- महत्त्व: यह आयातकों, निर्यातकों और मौद्रिक स्थिरता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।