हाल ही में राइसिन विष और अमोनियम नाइट्रेट से संबंधित आतंकी हमलों को रोका गया।
राइसिन (Ricin) के बारे में
- यह एक प्रोटीन है, जो अरंडी (castor) के बीजों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसके अतिरिक्त, इसे अरंडी के बीजों के अपशिष्ट अवशेष से भी बनाया जा सकता है।
- भोजन में मिलाया गया केवल 1 मिलीग्राम विष भी एक वयस्क को मार सकता है। राइसिन विषाक्तता के लिए कोई एंटीडोट या विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है।
- यह किसी व्यक्ति के शरीर की कोशिकाओं के भीतर जाकर कोशिकाओं को उन प्रोटीन्स को बनाने से रोकता है, जिनकी उन्हें आवश्यकता होती है।
अमोनियम नाइट्रेट
- शुद्ध अमोनियम नाइट्रेट (NH4NO3) एक सफेद व जल में घुलनशील, क्रिस्टलीय पदार्थ है। इसका गलनांक (melting point) 170°C होता है।
- यह अपने आप में कोई विस्फोटक नहीं है, लेकिन यह विस्फोटक बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले घटकों में से एक है।
'कैनिबल सौर तूफान' के कारण उत्तरी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया आदि में ऑरोरा की घटनाएं घटित हुई हैं।
- कैनिबल सौर तूफान एक शक्तिशाली अंतरिक्ष मौसम घटना है। यह तब घटित होती है, जब दो या दो से अधिक सौर तूफान एक-दूसरे के साथ टकराते हैं और विलीन हो जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप, एक अधिक शक्तिशाली तूफान उत्पन्न होता है, जो जीपीएस और विद्युत प्रणालियों को प्रभावित करता है।

ऑरोरा (Aurora) के बारे में
- ऑरोरा रात्रि के आकाश में दिखाई देने वाली एक प्राकृतिक प्रकाश की घटना है, जो आमतौर पर केवल निचले ध्रुवीय क्षेत्रों में घटित होती है।
- ऑरोरा की परिघटना ऊपरी वायुमंडल के परमाणुओं के सौर पवन के आवेशित कणों (इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन) के संपर्क में आने के कारण घटित होती है।
- उदाहरण: ऑक्सीजन (हरा और लाल प्रकाश), नाइट्रोजन (नीला व बैंगनी प्रकाश)।
- नामकरण:
- उत्तरी ध्रुव के पास, इसे ऑरोरा बोरियालिस या उत्तरी ध्रुवीय ज्योति कहा जाता है।
- दक्षिणी ध्रुव के पास, इसे ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस या दक्षिण ध्रुवीय ज्योति कहा जाता है।
लाल किला विस्फोट स्थल पर संदिग्धों या पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए पहचान/ प्रोफाइलिंग का उपयोग किया जा रहा है।
डीएनए पहचान
- यह एक तकनीक है, जिसका व्यक्तियों की पहचान करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें डीएनए में मौजूद विशिष्ट पैटर्न का विश्लेषण किया जाता है।
मुख्य विधियां
- शॉर्ट टैंडम रिपीट (STR): यह नाभिक (nucleus) में पुनरावृत्ती वाले लघु डीएनए अनुक्रमों की जांच करता है।
- माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए: इसका उपयोग तब किया जाता है, जब नाभिकीय डीएनए नष्ट हो जाता है। mtDNA प्रचुर मात्रा में होता है और यह माता से विरासत में मिलता है। इससे माता की ओर से रिश्तेदारों के साथ मिलान संभव होता है।
- वाई गुणसूत्र (Y Chromosome): यह वाई गुणसूत्र पर मौजूद STRs पर केंद्रित होता है। यह गुणसूत्र पिता से पुत्र को विरासत में मिलता है। यह पैतृक पुरुष रिश्तेदारों के मिलान द्वारा पुरुष संदिग्धों या पीड़ितों की पहचान करता है।
- सिंगल न्यूक्लियोटाइड पॉलीमॉर्फिज्म (Single Nucleotide Polymorphisms- SNPs): इसका उपयोग अत्यधिक नष्ट हो चुके डीएनए के लिए किया जाता है।
- SNPs एकल-क्षार अंतर (single-base differences) होते हैं, जो व्यक्तियों के लिए विशिष्ट होते हैं। इनका मिलान टूथब्रश जैसी व्यक्तिगत वस्तुओं से किया जाता है।
Article Sources
1 sourceIIT बॉम्बे ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत भारत का पहला क्वांटम डायमंड माइक्रोस्कोप विकसित किया।
क्वांटम डायमंड माइक्रोस्कोप के बारे में
- तकनीक: यह कमरे के तापमान पर नैनोस्केल रेज़ोल्यूशन पर चुंबकीय क्षेत्रों की इमेजिंग करने के लिए हीरे के नाइट्रोजन-रिक्ति (nitrogen-vacancy: NV) केंद्रों का उपयोग करता है।
- उपयोग: यह न्यूरोसाइंस, सामग्री विज्ञान और अहानिकारक सेमीकंडक्टर परीक्षण में उन्नत अनुसंधान को सक्षम बनाएगा।
- महत्त्व: यह क्वांटम सेंसिंग में भारत का पहला पेटेंट सुरक्षित करेगा और अत्याधुनिक अग्रणी उपकरण निर्माण, व्यवस्था, उपयोग आदि में राष्ट्रीय क्षमताओं को मजबूत करेगा।
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1 sourceहालिया रिपोर्ट्स दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद फॉरेंसिक जांच में सामग्री साक्ष्य का पता लगाने के लिए FTIR स्पेक्ट्रोस्कोपी के उपयोग को एक तीव्र एवं प्रभावी उपकरण के रूप में उजागर कर रही हैं।
फोरियर ट्रांसफॉर्म इन्फ्रारेड (FTIR) स्पेक्ट्रोस्कोपी के बारे में
- यह एक ऐसी तकनीक है, जिसका सामग्रियों द्वारा अवरक्त प्रकाश (infrared light) को अवशोषित करने के तरीके को मापकर सामग्रियों का विश्लेषण करने के लिए उपयोग किया जाता है।
- यह डेटा रिकॉर्ड करने के लिए एक विशेष उपकरण का उपयोग करता है। इस उपकरण को इंटरफेरोमीटर कहा जाता है। इस डेटा को फिर कंप्यूटर द्वारा संसाधित (process) करके एक ग्राफ बनाया जाता है। इस ग्राफ को स्पेक्ट्रम कहा जाता है।
- महत्त्व:
- अहानिकारक (non-destructive): नमूने को संरक्षित रखता है।
- न्यूनतम सामग्री की आवश्यकता होती है।
- गुणात्मक और मात्रात्मक दोनों तरह का डेटा प्रदान करता है।
- उपयोग: इसे आमतौर पर फार्मास्यूटिकल्स, सामग्री विज्ञान, पर्यावरणीय विश्लेषण और फॉरेंसिक जैसे क्षेत्रकों में उपयोग किया जाता है।
पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम (PPV&FRA), 2001 के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'पादप जीनोम संरक्षक पुरस्कार समारोह' आयोजित किया गया।
पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम (PPV&FRA), 2001 के बारे में
- उद्देश्य: पौधों की किस्मों, किसानों और प्रजनकों (breeders) के अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रभावी प्रणाली स्थापित करना। साथ ही, पौधों की नई किस्मों के विकास और बीज उद्योग के विकास को प्रोत्साहित करना।
- यह निम्नलिखित अधिकारों को मान्यता देता है:
- किसानों के अधिकार: नई, किसानों द्वारा विकसित और मौजूदा किस्मों का पंजीकरण एवं संरक्षण; संरक्षण के लिए पुरस्कार आदि।
- शोधकर्ताओं के अधिकार: प्रयोगों के लिए किसी भी पंजीकृत किस्म का उपयोग करना।
- प्रजनकों के अधिकार: उत्पादन, बिक्री, आयात या निर्यात आदि के अनन्य अधिकार।
- पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (PPV&FRA): कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में 2005 में स्थापित किया गया।
- कार्य: नई पौधा किस्मों का पंजीकरण, राष्ट्रीय जीन बैंक का रखरखाव आदि।
Article Sources
1 sourceथाईलैंड में वैज्ञानिकों ने एक दुर्लभ मकड़ी 'डामार्चस इनाज़ुमा' की खोज की है। यह मकड़ी आधी मादा और आधी नर (गायनैंड्रोमॉर्फिज्म) है।
गाइनैंड्रोमोर्फिज्म (Gynandromorphism) के बारे में
- यह एक असामान्य प्रजनन स्थिति है। इसमें किसी जीव में मादा और नर दोनों विशेषताएं प्रदर्शित होती हैं।
- इसकी पहचान उन जीवों में सबसे अधिक होती है, जिनमें मजबूत यौन द्विरूपता (sexual dimorphism) होती है, जैसे कि कुछ तितलियां, मकड़ियां और पक्षी।
- कारण: यह आमतौर पर शुरुआती विकास के दौरान सूत्री कोशिका विभाजन (mitosis) में होने वाली एक घटना है।
- विभाजित होने वाली कोशिकाओं में से एक अपने लिंग गुणसूत्रों को विभाजित नहीं करती है, जिससे मिश्रित नर/ मादा कोशिका रेखाएं उत्पन्न होती हैं।
हाल ही में, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी/ SEBI) ने एक उच्च-स्तरीय समिति (HLC) गठित की थी। इसकी अध्यक्षता प्रत्यूष सिन्हा कर रहे थे। इस समिति ने सेबी के भीतर शीर्ष अधिकारियों के बीच हितों के टकराव को रोकने के लिए मजबूत नियमों की सिफारिश की है।
समिति की मुख्य सिफारिशों पर एक नजर
- अनिवार्य प्रकटीकरण: अध्यक्ष, पूर्णकालिक सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपनी संपत्तियों एवं देनदारियों का अनिवार्य रूप से खुलासा करना चाहिए।
- इनसाइडर वर्गीकरण: सेबी के शीर्ष नेतृत्व को इनसाइडर-ट्रेडिंग विनियमों के तहत "इनसाइडर" के रूप में वर्गीकृत करना चाहिए।
- निवेश पर प्रतिबंध: वरिष्ठ अधिकारियों और उन पर निर्भर परिवार के सदस्यों को केवल जुटाई गई व पेशेवर रूप से प्रबंधित निधियों के माध्यम से ही निवेश करने की अनुमति देनी चाहिए।
- नैतिकता संबंधी पर्यवेक्षण:
- नैतिकता एवं अनुपालन कार्यालय (Office of Ethics & Compliance) का निर्माण करना चाहिए।
- डिजिटल प्रकटीकरण रजिस्ट्री की व्यवस्था करना और किसी मामले की कार्यवाही में भाग लेने से मना करने या स्वयं को हटा लेने संबंधी कारणों की रिपोर्टिंग को औपचारिक बनाना।
- हितों के टकराव की रिपोर्टिंग के लिए एक समर्पित व्हिसलब्लोअर चैनल बनाना।