जलवायु और स्वास्थ्य वित्त-पोषक गठबंधन (CHFC) | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

CHFC ने जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य पर इसके परिणामों से निपटने के लिए एकीकृत कार्रवाई हेतु शुरुआती 300 मिलियन डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताई है।

जलवायु और स्वास्थ्य वित्त-पोषक गठबंधन (CHFC) के बारे में

  • यह स्वास्थ्य में सुधार लाने और जीवन बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तरों पर कार्य करने वाले संस्थागत एवं व्यक्तिगत वित्त-पोषकों को एक साथ लाता है।
  • प्रतिबद्ध वित्त-पोषकों में वर्तमान में ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रॉपीज़, गेट्स फाउंडेशन आदि शामिल हैं।
  • तत्कालीन मुद्दे, जिन पर ध्यान केंद्रित किया गया है: अत्यधिक गर्मी; वायु प्रदूषण; जलवायु संवेदनशील संक्रामक रोग; निर्णय निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण जलवायु और स्वास्थ्य डेटा।

आइसलैंड ने AMOC के संभावित क्षरण को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित किया।

अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन (AMOC) के बारे में

  • AMOC अटलांटिक महासागर में समुद्री धाराओं की एक प्रणाली है। यह उष्ण कटिबंध से उत्तरी ध्रुव की ओर गर्म जल धाराओं को प्रसारित करती है। साथ ही ठंडे, खारे व सघन जल को उष्ण कटिबंध तथा दक्षिण ध्रुव की ओर विस्तारित करती है।
  • यह प्रणाली जल के तापमान और लवणता की मात्रा में भिन्नता से संचालित होती है। साथ ही, यह विश्व के महासागरीय बेसिनों में उष्णता एवं पोषक तत्वों का वितरण करती है।
  • इसका कमजोर होना और क्षरण निम्नलिखित का कारण बन सकता है:
    • यूरोप में ठंड बढ़ना और यूरोप, दक्षिण अमेरिका एवं अफ्रीका के कुछ हिस्सों में वर्षण के प्रतिरूप में बदलाव आना।
    • भारतीय मानसून के समय का प्रभावित होना। 
  • उष्णकटिबंधीय वर्षा पट्टी दक्षिण की ओर खिसक सकती है। इसके परिणामस्वरूप, अफ्रीकी साहेल क्षेत्र में सूखा पड़ सकता है। 

उच्चतम न्यायालय ने झारखंड सरकार को सारंडा वन को वन्यजीव अभयारण्य और संरक्षण रिज़र्व के रूप में अधिसूचित करने का निर्देश दिया।

  • न्यायालय ने इसकी सीमा के एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की खनन गतिविधि पर भी रोक लगा दी।

सारंडा वन के बारे में

  • यह "सात सौ पहाड़ियों की भूमि" के रूप में विख्यात है।  यह झारखंड में स्थित एक साल (Sal) वन है।
  • यह छोटा नागपुर जैव-भौगोलिक क्षेत्र का एक हिस्सा है। इसका भू-परिदृश्य ओडिशा और छत्तीसगढ़ के वनों में मिल जाता है।
  • यहां मुख्य रूप से हो, मुंडा, उरांव, संथाल आदि जनजातियां निवास करती हैं।
  • इस क्षेत्र से होकर बहने वाली प्रमुख नदियों में कारो, कोइना, लैलौर आदि शामिल हैं।
  • महत्त्व: यह मध्य भारत की हाथी आबादी के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है। यहां बहुत अनूठे ऑर्किड्स पाए जाते हैं।
  • लिगिर्दा दलदल: यहां दुर्लभ वनस्पति, ताड़, जंगली केले, फर्न, और पाइपर प्रजातियां पाई जाती हैं।

हाल ही में, ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट ने ग्लोबल कार्बन बजट 2025 रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत का कार्बन उत्सर्जन धीमी गति से बढ़कर 1.4% रहा। इसके लिए मानसून द्वारा ठंडक और नवीकरणीय ऊर्जा के विकास को उत्तरदायी कारक माना गया है। 

रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर

  • वर्ष 2024 में भारत तीसरा सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक रहा। भारत ने वार्षिक रूप से 3.2 बिलियन टन कार्बन का उत्सर्जन किया है। इससे आगे केवल संयुक्त राज्य अमेरिका (4.9 बिलियन टन) और चीन (12 बिलियन टन) हैं।
  • भारत में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वार्षिक रूप से 2.2 टन है। यह आंकड़ा विश्व की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में दूसरा सबसे कम है।
  • प्रमुख योगदानकर्ता: कोयला भारत के उत्सर्जन में योगदान देने वाला प्रमुख ईंधन प्रकार है।

जलवायु परिवर्तन पर सूचना सत्यनिष्ठा के लिए वैश्विक पहल ने COP-30 में जलवायु परिवर्तन पर सूचना सत्यनिष्ठा पर घोषणा-पत्र जारी किया।

  • पहल की शुरुआत: वर्ष 2024 में G20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में इस पहल की घोषणा की गई थी। यह देशों एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के बीच एक समर्पित बहुपक्षीय सहयोग है। इसका उद्देश्य जलवायु संबंधी मुद्दों पर सूचना सत्यनिष्ठा को बढ़ावा देने वाले अनुसंधान और कार्रवाई को वित्त-पोषित करना है।  
  • इसने जलवायु परिवर्तन पर सूचना सत्यनिष्ठा के लिए एक वैश्विक कोष भी गठित किया है।

घोषणा-पत्र के बारे में

  • यह घोषणा-पत्र स्वीकार करता है कि जलवायु संबंधी गलत सूचना एक जलवायु संकट बन गया है।
    • जलवायु संबंधी गलत सूचना: इसका तात्पर्य जलवायु परिवर्तन, इसके कारणों, प्रभावों या समाधानों के बारे में झूठी, भ्रामक या छलपूर्ण जानकारी से है।
  • यह सरकारों को जलवायु विज्ञान की रक्षा करने और पारदर्शी सार्वजनिक संचार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध करता है।

भारत में हेपेटाइटिस A तीव्र यकृत विफलता (acute liver failure) का एक बढ़ता हुआ कारण है।

हेपेटाइटिस A के बारे में

  • यह यकृत की एक प्रकार की सूजन है, जो हल्की से लेकर गंभीर बीमारी तक पैदा कर सकती है।
  • संक्रमण के माध्यम: दूषित भोजन और जल के सेवन से; किसी संक्रामक व्यक्ति के साथ सीधे यौन संपर्क के माध्यम से आदि।
  • रिकवरी: लगभग कोई भी व्यक्ति हेपेटाइटिस A से पूरी तरह से ठीक हो जाता है और उसे जीवन भर के लिए प्रतिरक्षा मिल जाती है।
    • हालांकि, हेपेटाइटिस A से संक्रमित लोगों में से कुछ फुलमिनेंट हेपेटाइटिस (fulminant hepatitis) के कारण मर सकते हैं।
  • चिरकालिक रोग: हेपेटाइटिस B और C के विपरीत, हेपेटाइटिस A चिरकालिक यकृत रोग का कारण नहीं बनता है।
  • टीका: हेपेटाइटिस A और B के लिए टीका उपलब्ध है, लेकिन हेपेटाइटिस C के लिए उपलब्ध नहीं है।

हाल ही में, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दल बदल-रोधी कानून के तहत एक विधायक को अयोग्य घोषित कर दिया।

दल बदल-रोधी कानून के बारे में

  • इस कानून को राजनीतिक दल-बदल को रोकने के लिए बनाया गया है। इसे 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा दसवीं अनुसूची के रूप में संविधान में जोड़ा गया है। 
  • सदन के सदस्यों की अयोग्यता के आधार
    • यदि कोई सदस्य स्वेच्छा से राजनीतिक दल की अपनी सदस्यता त्याग देता है;
    • यदि वह अपने राजनीतिक दल द्वारा जारी निर्देश के विपरीत जाकर मतदान करता है या मतदान से अनुपस्थित रहता है
    • निर्दलीय सदस्य: यदि कोई निर्दलीय सदस्य चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल हो जाता है।
    • मनोनीत सदस्य: यदि मनोनीत सदस्य मनोनयन के 6 महीने की समाप्ति के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होता है।
  • अपवाद:
    • विलय: एक राजनीतिक दल को किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल हो जाने या उसके साथ विलय करने की अनुमति दी गई है, बशर्ते कि उस दल के कम-से-कम दो-तिहाई निर्वाचित सदस्य विलय के पक्ष में हों।
  • अध्यक्ष/ सभापति की भूमिका: अयोग्यता के प्रश्नों पर उनका निर्णय अंतिम होता है।
  • अध्यक्ष के निर्णयों की न्यायिक समीक्षा: किहोतो होलोहोन बनाम ज़ाचिल्हू और अन्य (1992) वाद में उच्चतम न्यायालय ने निर्णय दिया था कि यदि अध्यक्ष कार्यवाही में देरी करता है, तो न्यायालयों को हस्तक्षेप करने का अधिकार होगा।

भारत ने चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अपनी रक्षा तैयारियों को बढ़ाते हुए, लद्दाख में मुध-न्योमा एयरबेस को संचालित किया। 

मुध-न्योमा एयरबेस के बारे में

  • अवस्थिति: पूर्वी लद्दाख।
    • यह लगभग 13,000 फीट की ऊंचाई पर और LAC के बहुत निकट स्थित है।
  • महत्त्व: यहां से देपसांग मैदानों, पैंगोंग त्सो सेक्टर, और चुशूल घाटी सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नजर रखी जा सकेगी व नियंत्रण बनाया रखा जा सकेगा।
  • निर्माणकर्ता: सीमा सड़क संगठन (BRO)
  • लद्दाख में चौथा प्रमुख एयरबेस: यह लेह, कारगिल और थोइस एयरबेस के पूरक के रूप में कार्य करेगा।
Watch Video News Today
Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet