पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने दिल्ली रिज प्रबंधन बोर्ड (DRMB) का पुनर्गठन किया। इसी के साथ ही, इसे वैधानिक शक्तियां भी प्रदान की गई।
दिल्ली रिज के बारे में
- यह दिल्ली के केंद्र में एक शुष्क पर्णपाती वन भूमि और 1,500 मिलियन वर्ष पुरानी अरावली पर्वतमाला का विस्तार है।
- यह लगभग 8,000 हेक्टेयर में फैली हुई है। इसे 4 ज़ोन्स में विभाजित किया गया है। ये हैं- उत्तरी रिज, दक्षिणी रिज, मध्य रिज और दक्षिण-मध्य रिज।
- महत्त्व: यह दिल्ली को राजस्थान के रेगिस्तान की गर्म पवनों से बचाता है। इसलिए इसे 'दिल्ली के फेफड़े' उपनाम दिया गया है। यहां 100 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं।
एक नए अध्ययन में पाया गया है कि अत्यधिक गर्मी और एक दुर्लभ कोरल रोग के कारण ग्रेट बैरियर रीफ की एक साइट पर गोनियोपोरा (Goniopora) कॉलोनियों के तीन-चौथाई हिस्से नष्ट हो गए हैं।
ग्रेट बैरियर रीफ के बारे में
- अवस्थिति: क्वींसलैंड (ऑस्ट्रेलिया) के तट पर, कोरल सागर में।
- जैव विविधता: इसमें 400 प्रकार के प्रवाल (कोरल), मछलियों की 1,500 प्रजातियां और 4,000 प्रकार के मोलस्क के साथ विश्व का सबसे बड़ा प्रवाल भित्ति (कोरल रीफ) संग्रह है। ग्रेट बैरियर रीफ अंतरिक्ष से दिखाई देती है।
- इसमें डुगोंग ('समुद्री गाय') और बड़े हरे कछुए जैसी प्रजातियां भी पाई जाती हैं, जो विलुप्ति के खतरे का सामना कर रही हैं।
- यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी है।
एशियाई विकास बैंक (ADB) ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत के संवृद्धि पूर्वानुमान को 6.5% से बढ़ाकर 7.2% कर दिया।
ADB के बारे में (मुख्यालय: मनीला, फिलीपींस)
- स्थापना: ADB की स्थापना 1966 में की गई थी। इसे एशिया व प्रशांत क्षेत्र में सतत, समावेशी और लोचशील विकास का समर्थन करने वाले एक प्रमुख बहुपक्षीय विकास बैंक के रूप में स्थापित किया गया है।
- सदस्य: 69 सदस्य (एशिया और प्रशांत क्षेत्र से 50)
- भारत एक संस्थापक सदस्य है।
- ADB के पांच सबसे बड़े शेयरधारक देश (क्रम से) हैं: 31 मई, 2025 तक की स्थिति के अनुसार- जापान (15.6%), संयुक्त राज्य अमेरिका (15.6%), पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (6.4%), भारत (6.3%) और ऑस्ट्रेलिया (5.8%)।
इज़रायली सैन्य प्रमुख ने इज़रायल और गाज़ा के बीच की येलो लाइन को नई सीमा कहा।
येलो लाइन के बारे में
- येलो लाइन उस क्षेत्र को चिह्नित करती है, जहां से 2025 में अमेरिका समर्थित युद्धविराम के तहत इज़रायली सेनाएं पीछे हट गई थीं।
- यह गाज़ा को दो भागों में विभाजित करती है, अर्थात्
- इज़रायल-नियंत्रित पूर्वी क्षेत्र और
- फिलिस्तीन-प्रशासित पश्चिमी क्षेत्र।
Article Sources
1 sourceहाल ही में, उच्चतम न्यायालय ने टिप्पणी की है कि आपराधिक अवमानना के लिए दंडित करने की शक्ति न्यायाधीशों के लिए आलोचना को दबाने हेतु "व्यक्तिगत कवच" नहीं है।
- न्यायालय ने ज़ोर देकर कहा कि दंडित करने की शक्ति में अनिवार्य रूप से क्षमा करने की शक्ति भी निहित है।
न्यायालय की अवमानना के बारे में
- विधायी ढांचा: यह न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 के तहत परिभाषित है। यह अधिनियम इसे निम्नलिखित दो प्रकारों में वर्गीकृत करता है:
- सिविल अवमानना: किसी न्यायालय के निर्णय, डिक्री, निर्देश, आदेश, रिट या अन्य प्रक्रिया की जानबूझकर अवज्ञा करना।
- आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt): कुछ भी प्रकाशित करना या बोल कर, लिख कर, संकेत आदि द्वारा ऐसा कृत्य करना, जो न्यायालय के प्राधिकार को कम करता हो, कार्यवाही में हस्तक्षेप करता हो आदि।
- संबंधित संवैधानिक प्रावधान:
- अनुच्छेद 129: उच्चतम न्यायालय को ‘अभिलेख न्यायालय’ (Court of record) का दर्जा देता है। साथ ही, यह सुप्रीम कोर्ट को स्वयं की अवमानना के लिए किसी को भी दंडित करने की शक्ति प्रदान करता है।
- अनुच्छेद 215 उच्च न्यायालयों को भी समान शक्तियां प्रदान करता है।
- अनुच्छेद 129: उच्चतम न्यायालय को ‘अभिलेख न्यायालय’ (Court of record) का दर्जा देता है। साथ ही, यह सुप्रीम कोर्ट को स्वयं की अवमानना के लिए किसी को भी दंडित करने की शक्ति प्रदान करता है।
RAMBHA-LP चंद्रयान-3 लैंडर का पेलोड है। इसके डेटा से पता चला है कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में एक सक्रिय प्लाज्मा वातावरण है।
- प्लाज्मा विद्युत रूप से उदासीन होती है। इसे अक्सर पदार्थ की चौथी अवस्था कहा जाता है। प्लाज्मा गर्म और आवेशित गैस है, जो धनात्मक आयनों तथा मुक्त गति वाले इलेक्ट्रॉन्स से बनी होती है।
RAMBHA-LP (रेडियो एनाटॉमी ऑफ मून बाउंड हाइपरसेंसिटिव आयनोस्फियर एंड एटमॉस्फेयर- लैंगमुइर प्रोब) के बारे में
- डिज़ाइन: यह लैंडर के हस्तक्षेप से बचने के लिए बूम पर लगे एक अतिसंवेदनशील लैंगमुइर प्रोब का उपयोग करता है।
- उद्देश्य: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के आसपास निकट-सतही प्लाज्मा वातावरण में इलेक्ट्रॉन घनत्व और इलेक्ट्रॉन तापमान को मापना।
भारतीय वैज्ञानिकों ने GlowCas9 विकसित किया है। यह एक CRISPR प्रोटीन है, जो जीन एडिटिंग करते समय चमकता है।
GlowCas9 के बारे में
- यह Cas9 का एक जैव-प्रकाश-दीप्ति (bioluminescent) संस्करण है। इसे Cas9 को गहरे समुद्र के झींगे के प्रोटीन से प्राप्त एंजाइम के साथ मिश्रित करके निर्मित किया गया है।
- यह चमकने की विशेषता कोशिकाओं, ऊतकों आदि को नुकसान पहुंचाए बिना जीवित कोशिकाओं में CRISPR क्रियाओं की निगरानी करने में सक्षम बनाती है।
- CRISPR/ Cas9 एक जीन-एडिटिंग तकनीक है। यह DNA अनुक्रम के अनुभागों को हटाने, जोड़ने या बदलने में सक्षम बनाती है।
- Cas9 एंजाइम DNA के स्ट्रैंड्स को काटने के लिए 'आणविक कैंची' की एक जोड़ी के रूप में कार्य करता है।
Article Sources
1 sourceआईआईटी मद्रास ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत अपने परिसर में भारत के राष्ट्रीय क्वांटम संचार हब का उद्घाटन किया।
राष्ट्रीय क्वांटम संचार हब के बारे में
- लक्ष्य: क्वांटम सुरक्षित संचार में राष्ट्रीय क्षमताओं में वृद्धि करना। इससे उन्नत क्वांटम कंप्यूटरों से संभावित खतरों के खिलाफ भारत की डिजिटल अवसंरचना की सुरक्षा हो सकेगी।
- यह हब क्वांटम कुंजी वितरण (QKD) नेटवर्क्स, पोस्ट-क्वांटम सुरक्षा, क्वांटम मेमोरी एंड रिपीटर्स तथा उपग्रह-आधारित क्वांटम संचार पर ध्यान केंद्रित करेगा।
- यह सह-विकास कार्यक्रमों, बड़े पैमाने पर टेस्टबेड्स (परीक्षण केंद्र) और डीप-टेक स्टार्ट-अप्स समर्थन को भी बढ़ावा देगा।