इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी (INST), मोहाली के शोधकर्ताओं ने अल्जाइमर रोग के लिए एक बहुक्रियाशील चिकित्सा विकसित करने हेतु नैनो-प्रौद्योगिकी, आणविक जीव विज्ञान और कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग को एकीकृत किया है।
अल्जाइमर रोग के बारे में:
- यह मस्तिष्क की एक बीमारी है, जो धीरे-धीरे स्मरण शक्ति, सोचने, सीखने और संगठनात्मक कौशल को नुकसान पहुंचाती है।
- यह डिमेंशिया (मनोभ्रंश) का सबसे सामान्य कारण है।
- कारण: मस्तिष्क में प्रोटीन (विशेष रूप से एमाइलॉयड और टाऊ) का असामान्य जमाव।
- लक्षण: याददाश्त कम होना, तर्क करने की क्षमता में कमी आना, मूड में बदलाव, घबराहट, मतिभ्रम आदि।
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1 sourceएक नए अध्ययन में पाया गया है कि ग्रीनलैंड में कुछ भालुओं के शरीर अपने डीएनए को संशोधित करने के लिए 'जंपिंग जीन' का उपयोग कर रहे हैं। इससे उन्हें गर्म होती पर्यावरणीय स्थितियों के प्रति अनुकूल बने रहने में मदद मिल रही है।
जंपिंग जीन्स (ट्रांसपोजोन या ट्रांस्पोजेबल तत्वों) के बारे में
- जंपिंग जीन्स(ट्रांसपोजोन) के बारे में: ये सचल आनुवंशिक तत्व हैं, जो जीनोम के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा सकते हैं।
- किसी जीव के जीनोम के भीतर अपने स्थान के आधार पर, ये जीन की अभिव्यक्ति (expression) को बदल सकते हैं।
- खोज: इनकी खोज बारबरा मैक्लिंटॉक द्वारा की गई थी। उन्हें इस कार्य के लिए 1983 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
- मानव जीनोम का लगभग 45% हिस्सा ट्रांसपोजोन से बना है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने व्यय पद्धति का उपयोग करके जीडीपी संकलन में पद्धतिगत परिवर्तनों पर दूसरा चर्चा-पत्र जारी किया। ये बदलाव प्रो. बी.एन. गोल्डर की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी सलाहकार समिति (ACNAS) की सिफारिशों पर आधारित हैं।
गोल्डर समिति की सिफारिशें
- आधार वर्ष में संशोधन: राष्ट्रीय लेखाओं के लिए आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 करना चाहिए।
- डेटा एकीकरण: संरचनात्मक बदलावों, डिजिटलीकरण और अनौपचारिक क्षेत्रक के योगदान को बेहतर ढंग से समझने के लिए अपडेटेड डेटासेट्स {जैसे- जीएसटी के उपरांत व्यवस्था, डिजिटलीकरण, आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS), आदि} को शामिल करना चाहिए।
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1 sourceदेश भर में 'नवाचार, ग्रामीण उद्योग और उद्यमिता को प्रोत्साहन देने हेतु योजना' (ASPIRE: A Scheme for Promotion of Innovation, Rural Industries and Entrepreneurship) के तहत 100 से अधिक आजीविका व्यवसाय इन्क्यूबेटर्स (LBIs) को मंजूरी दी गई।
एस्पायर (ASPIRE) योजना के बारे में
- आरंभ: वर्ष 2015 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा।
- उद्देश्य: नवाचार को बढ़ावा देने और उद्यमिता में तेजी लाने के लिए आजीविका व्यवसाय इन्क्यूबेटर्स (LBIs) का एक नेटवर्क स्थापित करना।
- यह योजना कृषि-ग्रामीण क्षेत्रक आदि में बेरोजगारों और स्वरोजगार करने वालों/ श्रमजीवियों को नई तकनीकों में कौशल व पुन: कौशल प्रदान करेगी।
- प्रमुख लाभ:
- संयंत्र व मशीनरी के लिए सरकारी एजेंसियों को अधिकतम 1 करोड़ रुपये और निजी एजेंसियों को 75 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है।
- सरकारी और निजी एजेंसियों को श्रमबल लागत, इन्क्यूबेशन संचालन आदि के लिए परिचालन व्यय सहायता के रूप में अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक की राशि दी जा सकती है।
ईरान ने ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर को जब्त किया है। इसमें भारतीय चालक दल के सदस्य हैं।
ओमान की खाड़ी के बारे में:
- यह अरब सागर की उत्तर-पश्चिमी शाखा है।
- सीमावर्ती देश: इसके उत्तर में ईरान, पश्चिम में संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण में ओमान स्थित है।
- भू-सामरिक महत्त्व: यह अरब सागर को होर्मुज जलडमरूमध्य से और आगे फारस की खाड़ी से जोड़ता है।

भारतीय थल सेना को संयुक्त राज्य अमेरिका से AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर्स का अंतिम बैच प्राप्त हुआ।
AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर के बारे में:
- यह एक पूर्णतः एकीकृत हथियार प्रणाली है। इसे सटीक रूप से लक्ष्य साधने, स्थिति की जानकारी रखने और नेटवर्क आधारित संचालन के लिए अनुकूलित किया गया है।
- विशेषताएं: उन्नत सेंसर और लक्ष्यीकरण प्रणाली, मानव रहित विमान नियंत्रण, डिजिटल कनेक्टिविटी आदि।
- इसमें उन्नत एयरफ्रेम का विकास किया गया है। साथ ही, चुनौतीपूर्ण परिवेश के लिए शक्तिशाली इंजन, लंबे समय तक हवा में बने रहने की क्षमता और पैंतरेबाजी की क्षमता (Maneuverability) प्रदान की गई है।
भारत 2032 तक अंटार्कटिका में वर्तमान 'मैत्री' अनुसंधान केंद्र को नए डिजाइन वाले मैत्री-II स्टेशन से बदलने की योजना बना रहा है।
- मैत्री-II को एक अत्याधुनिक और वर्ष भर परिचालन योग्य अनुसंधान केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया है। यह भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं में महत्वपूर्ण रूप से वृद्धि करेगा।
मैत्री अनुसंधान केंद्र के बारे में
- इसका निर्माण 1988 में किया गया था।
- यह मध्य ड्रोनिंग मौड लैंड (Dronning Maud land) में स्थित सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है। ड्रोनिंग मौड लैंड शिरमाकर (अंटार्कटिका) के दक्षिण में स्थित है।
भारत के अन्य ध्रुवीय अनुसंधान केंद्र
- भारती (अंटार्कटिका), दक्षिण गंगोत्री (अंटार्कटिका में स्थित भारत का पहला वैज्ञानिक आधार केंद्र, जो अब सेवामुक्त हो चुका है), और हिमाद्रि (आर्कटिक)।