प्रगति/ PRAGATI (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) को 2015 में शुरू किया गया था। यह प्लेटफॉर्म प्रशासनिक प्रक्रिया में जवाबदेही, पारदर्शिता और समय पर निर्णय लेने की क्षमता को एकीकृत करता है।
प्रगति (PRAGATI) की मुख्य विशेषताएं
- परिचय: यह एक बहुउद्देशीय और मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म है। यह सरकार के सभी स्तरों तक व्याप्त व्यापक व तकनीक-सक्षम शासन तंत्र की पेशकश करता है।
- 'टीम इंडिया' की भावना: प्रगति समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता प्रधान मंत्री द्वारा की जाती है। इस बैठक में राज्यों के और केंद्रीय मंत्रालयों के साथ प्रत्यक्ष संवाद होता है।
- प्रमुख शासन उपकरणों की मेजबानी: इसमें पीएम गति शक्ति, परिवेश (PARIVESH) और पीएम रेफरेंस पोर्टल जैसे महत्वपूर्ण उपकरण शामिल होते हैं।
- वैश्विक मान्यता: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के सैद बिजनेस स्कूल के एक बाहरी अध्ययन ने प्रगति को एक वैश्विक बेंचमार्क और वास्तविक समय (real-time) में परियोजना निगरानी के लिए "सत्य का एकल स्रोत" (single source of truth) माना है।

प्रगति (PRAGATI) द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी भूमिका
- सहकारी संघवाद का उदाहरण: इसने केंद्र और राज्यों को एक टीम के रूप में कार्य करने का अवसर प्रदान किया है। इसके माध्यम से मंत्रालयों और विभागों ने समस्याओं को सुलझाने के लिए एकजुट होकर कार्य किया है।
- इसकी शुरुआत से लेकर अब तक, केंद्र सरकार के लगभग 500 सचिवों और राज्यों के मुख्य सचिवों ने प्रगति बैठकों में भाग लिया है।
- परियोजना समाधान की उच्च दर: इसके जरिये विभिन्न परियोजनाओं में पहचानी गई लगभग 94% समस्याओं का समाधान किया गया है। इसके परिणामस्वरूप कार्यान्वयन में विलंब, लागत में वृद्धि और समन्वय में विफलता में कमी आई है।
- लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को गति देना: इसके उल्लेखनीय उदाहरणों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- जम्मू-उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक: 1994 में स्वीकृत इस परियोजना को 2025 में आरंभ किया गया है।
- नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और ब्रह्मपुत्र नदी पर बना बोगीबील रेल-सह-सड़क पुल आदि।