वित्तीय आसूचना एकक-भारत (FIU-IND) ने आभासी डिजिटल परिसंपत्ति (VDA) संबंधी कार्य करने वाले सेवा प्रदाताओं को विनियमित करने के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- इसने प्रभावी रूप से VDA संबंधी कार्य करने वाले सेवा प्रदाताओं को धन शोधन-रोधी, आतंकवाद के वित्त-पोषण से निपटने और जनसंहार के हथियारों के प्रसार के वित्त-पोषण को रोकने (AML/CFT/CPF) से संबंधित विनियामक ढांचे के अंतर्गत ला दिया है। इसके कारण इन सेवा प्रदाताओं को भी अन्य रिपोर्टिंग संस्थाओं के समान उचित सावधानी और रिपोर्टिंग दायित्वों का पालन करना आवश्यक हो गया है।
- 2023 में, VDA संबंधी कार्य करने वाले सेवा प्रदाताओं को 'धन शोधन निवारण अधिनियम' (PMLA), 2002 के तहत लाया गया था।
मुख्य दिशा-निर्देशों पर एक नजर
- प्रधान अधिकारी (PO) की नियुक्ति: प्रत्येक VDA संबंधी कार्य करने वाले सेवा प्रदाता को एक प्रधान अधिकारी नियुक्त करना होगा।
- साइबर सुरक्षा एवं डेटा संरक्षण: VDA संबंधी कार्य करने वाले सेवा प्रदाताओं को अब भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) द्वारा सूचीबद्ध लेखा परीक्षक द्वारा जारी साइबर सुरक्षा ऑडिट प्रमाण-पत्र की आवश्यकता होगी।
- अनहोस्टेड वॉलेट लेन-देन: इन संस्थाओं को अनहोस्टेड (सेल्फ-कस्टडी) वॉलेट से जुड़े अंतरणों पर डेटा एकत्र करना होगा।
आभासी डिजिटल परिसंपत्ति (Virtual Digital Asset: VDA) क्या है?
- यह आयकर अधिनियम, 1961 के तहत परिभाषित है।
- इसके अनुसार, कोई भी डिजिटल रूप से उत्पन्न सूचना, कोड, संख्या या टोकन (भारतीय या विदेशी मुद्रा को छोड़कर) जिसे क्रिप्टोग्राफिक या इसी तरह के माध्यमों से बनाया गया हो, जो:
- डिजिटल मूल्य का प्रतिनिधित्व करता हो,
- इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्तांतरणीय (transferable), संग्रहणीय (storable) या व्यापार योग्य (tradable) हो।
- इसमें गैर-प्रतिमोच्य टोकन (non-fungible token: NFTs) या इसी तरह के अन्य डिजिटल टोकन भी शामिल हैं।
- NFT एक विशिष्ट टोकन है, जो डिजिटल रूप से संग्रहणीय परिसंपत्तियों (collectibles) या वास्तविक विश्व की परिसंपत्तियों का प्रतिनिधित्व कर सकता है।
- इसके अनुसार, कोई भी डिजिटल रूप से उत्पन्न सूचना, कोड, संख्या या टोकन (भारतीय या विदेशी मुद्रा को छोड़कर) जिसे क्रिप्टोग्राफिक या इसी तरह के माध्यमों से बनाया गया हो, जो:
- VDAs के अंतरण से होने वाली आय पर 30% की दर से कर लगाया जाता है। साथ ही, इसमें अधिभार और उपकर भी जोड़ा जाता है।