भारत का पहला निजी भू-प्रेक्षण (Earth Observation) उपग्रह समूह | Current Affairs | Vision IAS
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  • पिक्सल के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने भारत के पहले राष्ट्रीय पृथ्वी अवलोकन (ईओ) तारामंडल के लिए आईएन-स्पेस के साथ साझेदारी की है।
  • पीपीपी मॉडल के तहत 1,200 करोड़ रुपये की इस परियोजना में विविध भू-स्थानिक विश्लेषणों के लिए 12 उपग्रह तैनात किए जाएंगे।
  • यह पहल उद्योग द्वारा संचालित राष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण अवसंरचना की दिशा में एक रणनीतिक बदलाव का प्रतीक है, जिससे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

In Summary

पिक्सेल (Pixxel) के नेतृत्व वाले संघ ने भारत के पहले राष्ट्रीय भू-प्रेक्षण उपग्रह समूह के डिजाइन, निर्माण और संचालन के लिए IN-SPACe के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

  • पिक्सेल के नेतृत्व वाले इस संघ में पियरसाइट स्पेस (Piersight Space), सैटश्योर एनालिटिक्स इंडिया (Satsure Analytics India) और ध्रुव स्पेस (Dhruva Space) शामिल हैं।
  • भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) भारत की नोडल एजेंसी है। यह अंतरिक्ष संबंधी गतिविधियों में निजी क्षेत्रक की भागीदारी को अधिकृत, विनियमित और प्रोत्साहित करती है।

भू-प्रेक्षण उपग्रह समूह परियोजना की मुख्य विशेषताएं

  • PPP मॉडल: इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) फ्रेमवर्क के तहत निष्पादित किया जाएगा।
    • यह परियोजना उपग्रहों की स्थापना से लेकर मूल्य वर्धित भू-स्थानिक विश्लेषण तक एक समग्र भू-प्रेक्षण तंत्र तैयार करेगी।
  • उपग्रह समूह (Constellation): इसमें 12 उपग्रह शामिल होंगे। ये उच्च-रिज़ॉल्यूशन ऑप्टिकल, मल्टीस्पेक्ट्रल, सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) और हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग की सुविधा प्रदान करेंगे।
  • परियोजना का व्यय: 5 वर्षों की अवधि में ₹1,200 करोड़ का निवेश।
  • रणनीतिक बदलाव: अब राष्ट्रीय भू-प्रेक्षण अवसंरचना का निर्माण सरकार के साथ-साथ  उद्योगों द्वारा भी किया जाएगा। 

 भू-प्रेक्षण उपग्रहों के बारे में

  • ये वे उपग्रह हैं जो ऑप्टिकल, मल्टीस्पेक्ट्रल, हाइपरस्पेक्ट्रल एवं रडार सेंसर्स का उपयोग करके पृथ्वी की सतह, महासागरों और वायुमंडल की निगरानी करते हैं तथा डेटा एकत्र करते हैं।
  • प्रमुख उपयोग: कृषि, आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन अध्ययन, शहरी नियोजन, जल संसाधन प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा।
  • रणनीतिक महत्त्व: ये पूर्व-चेतावनी प्रणाली, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और भू-स्थानिक डेटा में आत्मनिर्भरता का समर्थन करते हैं।
  • भारत के प्रमुख भू-प्रेक्षण उपग्रह: HySIS, Cartosat-3, RISAT-2B, EOS-07 आदि।
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Hyperspectral imaging captures a very broad range of spectral bands, allowing for the identification and characterization of materials on Earth's surface with high precision, exceeding the capabilities of multispectral imaging.

Synthetic Aperture Radar (SAR)

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Multispectral imaging

Multispectral imaging is a type of remote sensing that captures image data at several specific wavelength bands of the electromagnetic spectrum, useful for distinguishing different features on Earth's surface.

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