उन्होंने बताया कि AI तंत्र 5 परतों (लेयर्स) से बना है: एप्लीकेशन लेयर, मॉडल्स लेयर, सेमीकंडक्टर या चिप लेयर, अवसंरचना (डेटा सेंटर) लेयर और ऊर्जा लेयर।
5-परतों वाले AI तंत्र के लिए भारत की रणनीति:
- एप्लीकेशन और उपयोग लेयर: यह परत निवेश पर सबसे अधिक प्रतिलाभ देती है। भारत उद्यमों की कार्यप्रणाली और लोक सेवाओं में AI के उपयोग में नेतृत्व करने का लक्ष्य बना रहा है।
- उदाहरण: 'किसान ई-मित्र' (किसानों की मदद के लिए AI चैटबॉट) और 'भाषिणी' (डिजिटल सेवाओं तक पहुंच के लिए 35+ भारतीय भाषाओं में AI-आधारित अनुवाद)।
- मॉडल्स लेयर: केवल विशाल मॉडल्स बनाने की बजाय, भारत लगभग 12 केंद्रित AI मॉडल्स विकसित कर रहा है। ये छोटे GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) क्लस्टर्स पर संचालित हो सकते हैं और बड़ी आबादी को कम लागत पर AI सेवाएं प्रदान कर सकते हैं।
- वर्तमान में लगभग 95% AI कार्यभार छोटे मॉडल्स द्वारा संभाले जाते हैं। अधिकांश कॉर्पोरेट आवश्यकताओं के लिए 50-बिलियन पैरामीटर वाले मॉडल्स पर्याप्त हैं।
- सेमीकंडक्टर: भारत अन्य देशों पर निर्भरता कम करने के लिए स्वदेशी कस्टम सिलिकॉन विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
- भारत सेमीकंडक्टर विनिर्माण में महारत हासिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। भारत ने 2030 तक 28 nm (नैनोमीटर) से 7 nm और 2032 तक 3 nm की रेंज में सेमीकंडक्टर चिप विनिर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। ये चिप्स इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), ऑटोमोबाइल, रेलवे आदि में उपयोग होते हैं।
- AI अवसंरचना: लगभग 70 बिलियन अमेरिकी डॉलर के AI अवसंरचना निवेश की पुष्टि हो चुकी है और इसे लागू किया जा रहा है।
- ऊर्जा तत्परता: भारत अपने बढ़ते डेटा सेंटर फुटप्रिंट को सतत रूप से संचालित करने के लिए हरित ऊर्जा को एकीकृत कर रहा है।
- उदाहरण: भारत ने शांति/ SHANTI (भारत के रूपांतरण के लिए नाभिकीय ऊर्जा का संधारणीय दोहन और अभिवर्धन) अधिनियम 2025 के माध्यम से परमाणु ऊर्जा क्षेत्रक को निजी भागीदारी के लिए खोल दिया है। यह कदम संपूर्ण AI स्टैक को ऊर्जा प्रदान करने में सहायक होगा।