लाम्बाडा जनजाति | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

उच्चतम न्यायालय एक बार फिर तेलंगाना में लंबाडा समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST)  का दर्जा दिए जाने से जुड़े पुराने विवाद पर सुनवाई कर रहा है।

लंबाडा जनजाति के बारे में:

  • इन्हें सुगाली या बंजारा भी कहा जाता है।
  • यह तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सूचीबद्ध अनुसूचित जनजाति समुदाय है।
  • उत्पत्ति: माना जाता है कि इनकी उत्पत्ति राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र से हुई।
  • पारंपरिक पेशा: ब्रिटिश शासन के दौरान इन्हें अपना अर्ध-घुमंतू जीवन और माल ढोने का पारंपरिक काम छोड़ना पड़ा।
  • भाषा: ये ‘गोर बोली’ या ‘लंबाडी’ भाषा बोलते हैं।
  • संस्कृति:
    • उनकी वेशभूषा अलग और अनोखी होती है।
    • कढ़ाई के कार्य में कुशल हैं।
    • इनके पारंपरिक संगीतकार को डप्पन कहते हैं। 

इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार 2025 मोजाम्बिक की मानवाधिकार कार्यकर्ता ग्रासा माचेल को प्रदान किया जाएगा।

इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार के बारे में:

  • शुरुआत: 1985 में। इसे इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जाता है।
  • यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष किसी व्यक्ति या संस्था को दिया जाता है। 
  • यह पुरस्कार किसी भी देश के नागरिक, किसी भी नृजाति या किसी भी धर्म के व्यक्ति या संस्था को दिया जा सकता है।
  • यह पुरस्कार निम्नलिखित कार्यों के लिए दिया जाता है:
    • अंतरराष्ट्रीय शांति और निरस्त्रीकरण, नस्लीय समानता तथा देशों के बीच सद्भाव और मित्रता बढ़ाने के लिए।
    • आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और एक नई अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए।
    • यह सुनिश्चित करने के लिए कि विज्ञान और आधुनिक ज्ञान का उपयोग पूरी मानवता के कल्याण के लिए हो।
    • स्वतंत्रता का दायरा बढ़ाने और मानवीय भावना को समृद्ध करने के लिए। 

एक जिला एक उत्पाद (ODOP) पहल के तहत GI टैग प्राप्त ‘कलाडी’ व्यंजन (रेसिपी) को तकनीकी रूप से समृद्ध किया जाएगा। इससे नए और अच्छे खाद्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे।

कलाडी के बारे में:

  • यह डोगरा समुदाय का पारंपरिक व्यंजन है।
  • इसकी उत्पत्ति जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले से मानी जाती है।
  • व्यंजन का स्वरूप:
    • यह पनीर जैसा दिखने वाला एक सख्त खाद्य पदार्थ है।
    • इसे इसकी अपनी चर्बी में हल्का तलकर बनाया जाता है।
    • परोसने से पहले इसमें नमक मिलाया जाता है।
    • इसे गरम-गरम बन स्लाइस के साथ खाया जाता है।
  • तैयार करने की विधि: यह आमतौर पर कच्चे फुल-फैट दूध से बनाया जाता है। दूध जमाने के लिए मट्ठे (व्हे) के पानी का उपयोग किया जाता है। 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने SIDBI को ₹5,000 करोड़ की इक्विटी सहायता देने को मंजूरी दी है।

SIDBI के बारे में:

  • स्थापना: 1990 में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक अधिनियम, 1989 के तहत हुई।
  • भूमिका: यह सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्रक को वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली मुख्य संस्था है। यह बैंक MSME के प्रसार, वित्तपोषण और विकास का कार्य करता है।
  • अन्य कार्य: यह संस्था MSME से जुड़ी कई सरकारी योजनाओं के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है। 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल पेंशन योजना (APY) को 2030–31 तक जारी रखने की मंजूरी दी।

अटल पेंशन योजना (APY) के बारे में:

  • शुरुआत: 9 मई, 2015 को। 
  • उद्देश्य: सभी लोगों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान करना; खासकर गरीब, कमजोर वर्ग और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को।
  • पात्रता:
    • भारत का नागरिक,
    • उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच हो,
    • जो आयकर (इनकम टैक्स) नहीं देता हो।
  • योजना का प्रकार: केंद्रीय क्षेत्र की योजना।
  • योजना की विशेषताएं:
    • इस योजना में पेंशन की गारंटी मिलती है।
    • 60 साल की उम्र के बाद पेंशन शुरू होती है।
    • पेंशन राशि ₹1,000 से ₹5,000 प्रति माह तक होती है।
    • पेंशन अंशदान के आधार पर मिलती है।
  • प्रगति: अब तक 8.66 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। यह योजना भारत की समावेशी सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई है। 

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) को शुरू हुए 11 साल पूरे हो गए हैं। 

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) के बारे में:

  • शुरुआत: 22 जनवरी, 2015 को। यह बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुरू की गई है।
  • उद्देश्य: बालिकाओं का कल्याण करना। उनकी पढ़ाई और भविष्य के लिए बचत को बढ़ावा देना।
  • मुख्य विशेषताएं:
    • पात्रता: 10 वर्ष से कम उम्र की बालिका।
    • एक बालिका के नाम पर केवल एक सुकन्या समृद्धि खाता खोला जा सकता है।
    • एक परिवार अधिकतम दो बालिकाओं के नाम से खाते खोल सकता है।
    • हर साल ₹250 से ₹1.5 लाख तक जमा किए जा सकते हैं।
    • इसमें 15 वर्षों तक राशि जमा करनी होती है।
    • सुकन्या समृद्धि खाता बालिका के 18 वर्ष का होने तक अभिभावक द्वारा संचालित किया जाता है।
    • मैच्योरिटी और निकासी: खाता 21 साल में मैच्योर होता है। 18 वर्ष का होने के बाद पढ़ाई के लिए 50% धनराशि निकालने की अनुमति है। 

केंद्र सरकार ने हाई-स्पीड 6 GHz स्पेक्ट्रम के एक हिस्से को बिना लाइसेंस के उपयोग की अनुमति दी है। 

  • यह कदम तेज़ Wi-Fi सेवा देने के लिए बहुत जरूरी है। 

Wi-Fi के बारे में:

  • Wi-Fi से डिवाइस बिना केबल के इंटरनेट से जुड़ते हैं। 
  • यह नेटवर्क डेटा भेजने के लिए रेडियो तरंगों का उपयोग करता है। 
  • यह तय फ्रीक्वेंसी बैंड पर कार्य करता है।
  • दूसरी ओर, Li-Fi (लाइट फिडेलिटी) डेटा भेजने के लिए प्रकाश का उपयोग करता है।
    • Li-Fi की गति Wi-Fi से कई गुना तेज होती है। 
  • लाभ: यह लचीला और भरोसेमंद  इंटरनेट कनेक्शन देता है। यह तेज गति से इंटरनेट की सुविधा प्रदान करता है। 

भारत का पहला ‘मेड इन इंडिया’ C-295 विमान सितंबर 2026 से पहले तैयार हो जाएगा।

  • यह विमान वडोदरा में स्थित एयरबस–टाटा फाइनल असेंबली लाइन में बनाया जा रहा है।

C-295 विमान के बारे में:

  • यह मध्यम दूरी का परिवहन विमान है।
  • इसमें दो इंजन लगे होते हैं।
  • यह एक टर्बोप्रॉप सामरिक परिवहन विमान है।
  • यह एक अत्याधुनिक सामरिक विमान है। यह लगातार 11 घंटे तक उड़ान भर सकता है।
  • इसमें छोटे रनवे  से उड़ान भरने और उतरने की क्षमता (STOL) है।  
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

गोर बोली

Gor Boli, also referred to as Lambadi, is the language spoken by the Lambada community. It is an Indo-Aryan language, and its study is important for understanding the cultural and linguistic heritage of this tribal group.

अर्ध-घुमंतू जीवन

Semi-nomadic life refers to a lifestyle where a community or group of people moves from one place to another periodically, usually following traditional seasonal patterns for livelihood, such as pastoralism or trade, rather than permanently settling in one location.

लंबाडा समुदाय

The Lambada community, also known as Sugali or Banjara, is a Scheduled Tribe listed in Telangana and Andhra Pradesh. They are believed to have originated from the Marwar region of Rajasthan and traditionally engaged in semi-nomadic life and carrying goods. They speak a language called 'Gor Boli' or 'Lambadi'.

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet