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  • लाला लाजपत राय, जो उग्रवादी गुट और लाल-बाल-पाल त्रिमूर्ति के एक प्रमुख व्यक्ति थे, ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया और भारतीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन (1920) और एआईटीयूसी की अध्यक्षता की।
  • उन्होंने सर्वेंट्स ऑफ द पीपल सोसाइटी और पंजाब नेशनल बैंक जैसे संगठनों की स्थापना की, 'अनहैप्पी इंडिया' नामक पुस्तक लिखी और साइमन कमीशन के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया, जिसके परिणामस्वरूप लाठीचार्ज में लगी चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।

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विवरण: https://res.cloudinary.com/dkplc2mbj/image/upload/v1611830912/ljp_34788df136.jpg

लाला लाजपत राय (1865-1928)

प्रधान मंत्री ने 'पंजाब केसरी' लाला लाजपत राय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।  लाला लाजपत राय का जन्म पंजाब में हुआ था।  

मुख्य योगदान:

  • भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका:
    • वे कांग्रेस के गरम दल के प्रमुख नेता थे। 
    • वे प्रसिद्ध त्रिमूर्ति 'लाल-बाल-पाल' (लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल) का हिस्सा थे।
    • वे 1920 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन के अध्यक्ष चुने गए।
    • वे 1920 में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) के भी अध्यक्ष रहे। 
  • स्थापित संगठन/आंदोलन:
    • उन्होंने हिंदू राहत आंदोलन, अमेरिका में भारतीय होमरूल लीग, सर्वेंट्स ऑफ द पीपल सोसाइटी की स्थापना की। 
    • उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 
  • साहित्यिक योगदान:
    • उन्होंने 'द पीपल'  पत्रिका शुरू की और 'द ट्रिब्यून' अखबार में योगदान दिया।
    • प्रमुख पुस्तकें: अनहैप्पी इंडिया, यंग इंडिया, आर्य समाज का इतिहास, इंग्लैंड्स डेब्ट टू इंडिया। 
      • साथ ही उन्होंने मैजिनी, गैरीबाल्डी और स्वामी दयानंद पर लोकप्रिय जीवनियां भी लिखीं।
  • साइमन कमीशन का विरोध: जब 1928 में साइमन कमीशन लाहौर आया, तो उन्होंने इसके विरोध में एक शांतिपूर्ण मार्च का नेतृत्व किया। पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई।
  • मूल्य: साहस, आत्म-बलिदान, अटलता।   
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पंजाब केसरी (Punjab Kesari)

A title, meaning 'Lion of Punjab', popularly bestowed upon Lala Lajpat Rai for his patriotic fervor and significant contributions to the Indian independence movement.

साइमन कमीशन (Simon Commission)

A group of seven British Members of Parliament appointed in 1927 to report on the working of the Indian constitution. Its all-British composition led to widespread protests and boycotts in India, as it lacked Indian representation.

होम रूल लीग (Home Rule League)

Organizations established in India during World War I to advocate for self-governance (Swaraj). The Indian Home Rule League, founded by Bal Gangadhar Tilak and Annie Besant, was a significant movement demanding dominion status for India.

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