एक हालिया अध्ययन के अनुसार, विश्व के सात प्रमुख डेल्टा दुनिया भर के कुल जलमग्न हो रहे डेल्टा क्षेत्र का लगभग 57% हिस्सा हैं। इन सात प्रमुख डेल्टाओं में शामिल हैं- गंगा-ब्रह्मपुत्र, नील, मेकांग, यांग्त्ज़ी, अमेज़न, इरावदी और मिसिसिपी डेल्टा।
नदी डेल्टाओं के जलमग्न होने के मुख्य कारण
- अत्यधिक भौमजल दोहन: घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कृषि, उद्योग और घरेलू आपूर्ति के लिए भौमजल का निरंतर व असंधारणीय तरीके से उपयोग किया जा रहा है।
- भूमि का धंसना (Land Subsidence): 2014 और 2023 के बीच, वैश्विक स्तर पर आधे से अधिक डेल्टाओं में 3 मिमी प्रतिवर्ष से अधिक की दर से भूमि धंसाव की घटना दर्ज की गई।
- भारत में ब्राह्मणी और महानदी के डेल्टा सबसे तेजी से जलमग्न हो रहे हैं।
- मौसमी गाद (Silt) के जमाव में कमी: डेल्टा की ऊंचाई बनाए रखने के लिए गाद का जमाव आवश्यक है, लेकिन नदियों के नियमन और अवसंरचना (जैसे- बांध) निर्माण के कारण प्राकृतिक तलछट प्रवाह बाधित हो गया है।
नदी डेल्टा के बारे में
- यह एक निक्षेपण विशेषता है। डेल्टा तब निर्मित होते हैं, जब नदियां अपना जल और तलछट किसी अन्य जल निकाय जैसे- समुद्र, झील या दूसरी नदी में गिराती हैं।
- डेल्टा निर्माण के लिए नदी का प्रवाह इतना धीमा और स्थिर होना चाहिए कि गाद का जमाव हो सके। यही कारण है कि सभी नदियां डेल्टा नहीं बनाती हैं।
- डेल्टा पृथ्वी के केवल 1% भू-क्षेत्र पर स्थित हैं, लेकिन वैश्विक आबादी का लगभग 6% हिस्सा यहां निवास करता है। साथ ही, विश्व की 34 मेगासिटीज में से 10 यहीं स्थित हैं।

डेल्टाओं की सुरक्षा के उपाय
- एकीकृत दृष्टिकोण: इसमें धंसने की प्रक्रिया को कम करने को प्राथमिकता दी जाती है (उदाहरण के लिए: भूजल विनियमन, प्रबंधित जलभृत पुनर्भरण और तलछट प्रबंधन)।
- लक्षित हस्तक्षेप: जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते समुद्री जलस्तर से निपटने के व्यापक प्रयासों के साथ-साथ, भूमि धंसने की तात्कालिक और स्थानीय चुनौती का समाधान करना।
- उन्नत निगरानी: सतह की ऊंचाई में होने वाले परिवर्तनों की निगरानी के लिए InSAR (इंटरफेरोमेट्रिक सिंथेटिक एपर्चर रडार) जैसी तकनीक का उपयोग करना।