एक हालिया अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2016 से 2040 के बीच विश्व भर में प्लास्टिक प्रदूषण के कारण होने वाले स्वास्थ्य प्रभावों के दोगुना होने का अनुमान है।
अध्ययन के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- उत्पादन से अधिक मांग: वैश्विक प्लास्टिक उत्पादन 2100 के बाद तक भी अपने चरम पर नहीं पहुंच पाएगा, जबकि 2050 तक प्लास्टिक की वैश्विक मांग दोगुनी होने की उम्मीद है।
- मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव: प्लास्टिक का पूरा अस्तित्व चक्र ऐसी गैसों और प्रदूषकों का उत्सर्जन करता है, जो श्वसन रोगों से जुड़े हैं। इसके अलावा, इससे निकलने वाले खतरनाक रसायनों से कैंसर जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।
- माइक्रोप्लास्टिक्स और नैनोप्लास्टिक्स: इनकी मानव ऊतकों में मौजूदगी दर्ज की गई है, जिसके शुरुआती प्रमाण कोशिका क्षति और प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रियाओं के रूप में सामने आए हैं।
- बढ़ता प्रदूषण: प्लास्टिक के अस्तित्व चक्र के कारण समतापमंडलीय ओज़ोन परत का क्षरण हो रहा है। साथ ही, प्रकाश-रासायनिक धूम्र-कोहरे (Photochemical Smog) और महीन कणिकीय पदार्थों (Fine particulate matter) का निर्माण बढ़ रहा है। ये सभी मानव स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं।
प्लास्टिक प्रदूषण कम करने के लिए प्रमुख पहलें
- प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2021: प्लास्टिक अपशिष्ट पर नियमों को कठोर किया गया है।
- इनके तहत 1 जुलाई 2022 से चिन्हित 'एकल-उपयोग प्लास्टिक' (SUP) पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR), 2022: प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाली या बेचने वाली कंपनियों के लिए अपने उत्पादों से उत्पन्न अपशिष्ट का प्रबंधन करना अनिवार्य है।
- वैश्विक पहलों में भारत की भूमिका:
- बेसल, रॉटरडैम और स्टॉकहोम अभिसमय (2019): भारत ने प्लास्टिक अपशिष्ट को स्टॉकहोम अभिसमय की 'पूर्व सूचित सहमति' (PIC) प्रक्रिया के तहत लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- G20 ओसाका ब्लू ओशन विज़न (2019): भारत और अन्य देशों ने 2050 तक महासागरों में नया प्लास्टिक अपशिष्ट डंप न करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- प्रकृति और लोगों के लिए उच्च महत्वाकांक्षा गठबंधन (2021): भारत इस गठबंधन में शामिल हुआ है। इस गठबंधन का लक्ष्य 2030 तक विश्व की कुल भूमि के कम-से-कम 30% और सभी महासागरों के कम-से-कम 30% हिस्सों की रक्षा करना है।
- अन्य पहलें:
- वैश्विक: संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) प्लास्टिक पहल; वैश्विक प्लास्टिक संधि पर वार्ता आदि।
- भारत में: प्लास्टिक पार्कों का निर्माण; स्वच्छ भारत मिशन, आदि।