राष्ट्रपति ने बजट सत्र के प्रारंभ में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अभिभाषण किया।
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 86 और 87 राष्ट्रपति को संसद में अभिभाषण करने का अधिकार देते हैं।
‘राष्ट्रपति का विशेष अभिभाषण’ के बारे में
- अनुच्छेद 86 (सदनों में अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राष्ट्रपति का अधिकार): यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) को या दोनों सदनों को एक साथ अभिभाषण करने का अधिकार देता है।
- अनुच्छेद 87 (राष्ट्रपति का विशेष अभिभाषण): यह अनुच्छेद उन दो विशेष अवसरों के बारे में है जब राष्ट्रपति अनिवार्य रूप से संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अभिभाषण करते हैं। ये दो अवसर हैं:
- प्रत्येक आम चुनाव के बाद लोकसभा के प्रथम सत्र के प्रारंभ में।
- प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र (आमतौर पर बजट सत्र) के प्रारंभ में।
Article Sources
1 sourceउच्चतम न्यायालय ने गीता मित्तल समिति का कार्यकाल छह महीने के लिए और बढ़ा दिया है।
गीता मित्तल समिति के बारे में
- इस समिति के सभी 3 सदस्य महिलाएं हैं। इनमें उच्च न्यायालय की पूर्व महिला न्यायाधीश शामिल हैं।
- इसकी अध्यक्षता जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल कर रही हैं।
- उच्चतम न्यायालय द्वारा अगस्त 2023 में इसका गठन किया गया था। इसका उद्देश्य मणिपुर में नृजातीय संघर्ष के कारण उत्पन्न मानवीय चिंताओं को दूर करना है।
- मुख्य अधिदेश (मैंडेट):
- महिलाओं के खिलाफ हुई हिंसा के स्वरूप की जांच करना।
- हिंसा से प्रभावित लोगों को निःशुल्क और मनोवैज्ञानिक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करना आदि।
नीति आयोग ने ‘संपूर्णता अभियान 2.0’ की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational Districts Programme) और आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में पूर्ण उपलब्धि (सैचुरेशन) के लिए लगातार प्रयास करना है।
- दोनों कार्यक्रम नीति आयोग द्वारा शुरू किए गए हैं।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम के बारे में:
- इसकी शुरुआत 2018 में हुई थी।
- इसका उद्देश्य देश के 112 जिलों का त्वरित और प्रभावी विकास सुनिश्चित करना है।
- इसके पांच मुख्य क्षेत्र (थीम) हैं: स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास, आधारभूत संरचना
- विकास की प्रगति को 49 विकास संकेतकों के आधार पर मापा जाता है।
आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के बारे में:
- इसे वर्ष 2023 में शुरू किया गया।
- इसका उद्देश्य देश के 329 जिलों के 513 प्रखंडों में आवश्यक सरकारी सेवाओं की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
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1 sourceभारतीय शोधकर्ताओं ने एक नया हाई-वोल्टेज सुपरकैपेसिटर विकसित किया है। यह ड्यूल-फंक्शनल छिद्रयुक्त ग्रेफीन कार्बन नैनो-कंपोजिट (PGCN) इलेक्ट्रोड पर आधारित है।
- इससे इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को तेज गति से चलने और अधिक दूरी तय करने में मदद मिल सकती है।
- इसके अलावा, यह सौर ऊर्जा और ग्रिड स्तर यानी बड़े स्तर पर बिजली भंडारण में भी उपयोगी हो सकता है।
सुपरकैपेसिटर के बारे में:
- ये ऐसे इलेक्ट्रोकेमिकल सेल होते हैं, जो इलेक्ट्रोस्टैटिक क्रिया के माध्यम से इलेक्ट्रिक चार्ज को भंडारित करते हैं।
- इनमें चार मुख्य भाग होते हैं: दो इलेक्ट्रोड (एनोड और कैथोड), एक इलेक्ट्रोलाइट और एक सेपरेटर।
- इनमें बहुत पतली डाइलेक्ट्रिक परत और अधिक पृष्ठीय क्षेत्र (हाई सरफेस एरिया) वाले इलेक्ट्रोड पदार्थों का उपयोग किया जाता है। इससे अधिक धारिता (capacitance) प्राप्त होती है।
- महत्व: लंबा जीवनकाल, अधिक मजबूती, पर्यावरण के अनुकूल, आदि।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने नई ‘औषधि और नैदानिक परीक्षण (NDCT) नियमावली, 2019 में कई संशोधनों को अधिसूचित किया है।
- ये नियम औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत बनाए गए हैं।
NDCT नियमावली में प्रमुख संशोधन
- लाइसेंस की जगह केवल 'पूर्व-सूचना' की व्यवस्था: गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों (जैसे शोध) के लिए अब 'टेस्ट लाइसेंस' लेने की जरूरत को समाप्त कर दिया गया है। अब केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) को ऑनलाइन माध्यम से पूर्व-सूचना देना ही काफी होगा।
- CDSCO नई दवाइयों की मंजूरी देने, नैदानिक परीक्षणों (Clinical Trials) के संचालन, दवाइयों के मानक तय करने और देश में आयातित दवाइयों की गुणवत्ता पर नियंत्रण रखने के लिए जिम्मेदार है।
- लाइसेंस देने के लिए आवश्यक समय में कमी: टेस्ट लाइसेंस जारी करने की विधिक समय सीमा को 90 दिनों से घटाकर 45 दिन कर दिया गया है।
- अन्य संशोधन: कम जोखिम वाले 'बायोअवेलेबिलिटी' और 'बायोइक्विवेलेंस' (BA/BE) पर शोध के लिए अब पूर्व-अनुमति की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है।
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1 sourceकेंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्रों (CETPs) को उद्योगों की 'ब्लू श्रेणी’ (Blue Category) के तहत अनिवार्य पर्यावरणीय सेवाओं (ESS) के रूप में वर्गीकृत किया है।
उद्योगों की 'ब्लू श्रेणी' के बारे में
- इसमें 'अनिवार्य पर्यावरणीय सेवाएं' (ESS) शामिल हैं।
- ESS वे सुविधाएं हैं जो घरेलू और औद्योगिक कार्यों से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण को रोकने, कम करने और नियंत्रित करने के लिए अनिवार्य हैं।
- मुख्य उदाहरण: सीवेज उपचार संयंत्र (STPs), अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन संयंत्र, बायोमाइनिंग और कंपोस्टिंग इकाइयां।
औद्योगिक क्षेत्रकों का वर्गीकरण
- CPCB ने प्रदूषण सूचकांक (Pollution Index - PI) के आधार पर उद्योगों को वर्गीकृत का एक तरीका विकसित किया है। यह 'एहतियाती सिद्धांत' (Precautionary Principle) पर आधारित है।
- प्रदूषण सूचकांक किसी उद्योग के जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण और अपशिष्ट उत्पन्न करने की क्षमता को देखकर तैयार किया जाता है।
- उद्योगों की श्रेणियां:
- रेड: PI स्कोर 80 या उससे अधिक;
- ऑरेंज: PI स्कोर 55 से 80 के बीच
- ग्रीन: PI स्कोर 25 से 55 के बीच
- व्हाइट: PI स्कोर 25 से कम।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और रूस के यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन के बीच सुपरजेट 100 (SJ-100) विमान के भारत में उत्पादन को लेकर एक समझौता हुआ है।
सुपरजेट 100 (SJ-100) विमान के बारे में
- यह नई पीढ़ी का शॉर्ट-हॉल (कम दूरी का) जेट विमान है। इसमें अधिकतम 103 यात्रियों के बैठने की क्षमता है और इसकी उड़ान सीमा लगभग 3500 किलोमीटर तक है।
- विमान की विशेषताएं:
- इसमें बेहतरीन एरोडायनामिक्स और डिजिटल 'फ्लाई-बाय-वायर' कंट्रोल सिस्टम दिया गया है।
- इसमें कंट्रोल साइड स्टिक्स के साथ अत्याधुनिक कॉकपिट है।
- भारत के लिए महत्व:
- HAL इन ट्विन-इंजन, नैरो-बॉडी वाले जेट विमानों का लाइसेंस के तहत निर्माण करेगा।
- इससे ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।